काम के दौरान हादसा: छत गिरने से एक की जान गई, चार घायल
बांसवाड़ा। राजस्थान के डूंगरपुर जिले के आसपुर थाना क्षेत्र के गोल गांव में बुधवार को उस वक्त एक दर्दनाक हादसा हो गया जब एक निर्माणाधीन मकान की छत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। छत की आरसीसी भराई के काम में जुटे मजदूर पलभर में मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने जब मलबा हटाया तो एक मजदूर की मौत हो चुकी थी और चार अन्य घायल पड़े थे। इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डुबो दिया। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा गोल गांव निवासी जीतू मेहता के निर्माणाधीन मकान में हुआ। मजदूर उस वक्त छत की ढलाई का काम कर रहे थे। काम के दौरान अचानक छत का ढांचा कमजोर पड़ा और पूरी छत एक झटके में नीचे आ गिरी। मलबे के नीचे दबे मजदूरों की चीखें सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े और बिना देर किए राहत कार्य शुरू कर दिया। कड़ी मेहनत और जद्दोजहद के बाद एक-एक कर सभी मजदूरों को मलबे से निकाला गया।
मौके पर ही एक की मौत
इस हादसे में शेरपुर निवासी लक्ष्मण मीणा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सडा निवासी सुरजमल, दोलपुरा निवासी कंकू, सडा निवासी कालू और सडा निवासी दिनेश घायल हो गए। घायलों को तत्काल आसपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीन मजदूरों को घर भेज दिया गया। एक गंभीर रूप से घायल मजदूर को बेहतर इलाज के लिए डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। मृतक लक्ष्मण मीणा के शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। घटना की खबर मिलते ही आसपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे हादसे की विस्तृत जानकारी जुटाई। पुलिस ने छत गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पूरे इलाके में शोक और दुख का माहौल छाया हुआ है।

रोज कच्चा प्याज खाते हैं? इन लोगों को तुरंत बंद कर देना चाहिए
आज ही के दिन टीम इंडिया ने जीता वर्ल्ड कप, यादगार बना इतिहास
TMC की आपत्तियों पर SC का स्पष्ट जवाब, वोटर लिस्ट विवाद पर कहा – ‘हर बार ऐसा होता है’
सुनेत्रा पवार का चुनाव आयोग को पत्र, एनसीपी में प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के पदों पर विवाद
IPL के दौरान बयानबाजी, साहिबा बाली पर उठे सवाल
ईरान मुद्दे पर ट्रंप के तेवर, निवेशकों में बढ़ी घबराहट
ऑनलाइन मैरिज स्कैम का खुलासा, 37 लाख से ज्यादा की ठगी
कांग्रेस की नई पहल: MP में टैलेंट हंट, हजारों युवा बनना चाहते हैं पार्टी प्रवक्ता
बगावत भुलाकर भारत ने पड़ोसी देशों को दिया ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा