तेजस्वी यादव का आरोप- भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है
पटना|तेजस्वी यादव ने शनिवार को राजधानी पटना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बड़ा हमला बोला है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) देश का संविधान बदलना चाहते हैं, लेकिन अल्पसंख्यक समाज के लोगों को इससे सचेत रहने की जरूरत है। उन्होंने यह बातें श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में राष्ट्रीय जनता दल के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की तरफ से आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान कहीं।
अपने संबोधन में तेजस्वी यादव ने मौजूदा दौर को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में आरएसएस और बीजेपी संविधान को खत्म करके अपना संविधान थोपना चाहते हैं। यह वक्त आपस में लड़ने का नहीं है, बल्कि एकजुट रहने का है। तेजस्वी ने यह भी साफ किया कि अगर कोई भी व्यक्ति भड़काऊ भाषण देता है, तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए, भले ही वह खुद ही क्यों न हो। उनका जोर रहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने और संविधान को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है।
राजद नेता ने भाजपा को दी चेतावनी
राजद नेता ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव का जिक्र करते हुए भाजपा को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वे लालू प्रसाद के बेटे हैं और झुकने वाले नहीं हैं। तेजस्वी ने याद दिलाया कि यही बिहार है, जहां उनके पिता लालू प्रसाद ने लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा को रोका था और उन्हें गिरफ्तार किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तेजस्वी कानून-व्यवस्था का सवाल उठाते हैं, तो उन पर झूठे मुकदमे किए जाते हैं। उनका सवाल था कि जब लालू प्रसाद कभी नहीं झुके, तो उनका बेटा कैसे झुकेगा?
बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दोहराया कि राजद विचार के पक्के हैं और उन्होंने भाजपा के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया। उनका कहना था कि पार्टी ने अपने सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं किया है, भले ही इसके लिए संघर्ष करना पड़ा हो।
तेजस्वी यादव का केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला
केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इस सरकार ने कई ऐसे बिल लाए हैं जिनका राजद ने हमेशा विरोध किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो भी बिल अल्पसंख्यकों को तबाह करने के लिए लाए गए हैं या भविष्य में लाए जाएंगे, उनका हमेशा पुरजोर विरोध किया जाएगा। तेजस्वी ने चिंता जताई कि पहले राजद की सरकार में अल्पसंख्यक समाज के 35 से 40 विधायक होते थे, लेकिन अब उनकी संख्या घट रही है। उन्होंने असम में हुए परिसीमन का उदाहरण भी दिया, जहां 30 मुस्लिम सीटें घटकर 20 रह गईं। उन्होंने इसे संविधान में बदलाव करने की साजिश का हिस्सा बताया।
तेजस्वी यादव ने अल्पसंख्यक समाज के लोगों को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे पार्टी को मजबूत करें और संघर्ष के इस दौर में फिरकापरस्त ताकतों से लड़ें। उन्होंने स्वीकार किया कि शायद पूर्व में उनसे कोई गलती हुई होगी, लेकिन उन गलतियों को सुधारा जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि समय की मांग है कि सब एक साथ रहें, काम करें और किसी भी तरह के भड़कावे में न आएं। उनका संकल्प था कि एकजुट होकर बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत किया जाएगा ताकि संविधान और लोकतंत्र को बचाया जा सके।

तेजस्वी यादव का आरोप- भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने शुरू की तलाश
मोहन यादव ने जताई नाराजगी, कांग्रेस नेताओं से जवाब तलब
आंसरशीट में लिखा संदेश- “33 नंबर देकर आशीर्वाद दें”
नीतीश कुमार को लेकर उठे सवालों पर मंत्री का पलटवार
118 किमी की धार्मिक यात्रा, श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
10 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न, सामाजिक एकता का संदेश