सुरेंद्रनगर सड़क हादसा: लग्जरी बस टैंकर से टकराई, कई घायल
सुरेंद्रनगर: गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के चोटिला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संगानी गांव के समीप बुधवार की देर रात एक अत्यंत दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली सड़क दुर्घटना घटित हुई। यहाँ राजमार्ग पर डामर से लदे एक टैंकर और निजी लग्जरी बस के बीच हुई भीषण टक्कर के बाद दोनों वाहनों में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयावह अग्निकांड में बस के भीतर सवार चार यात्रियों की जिंदा जलकर बेहद दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दस अन्य मुसाफिर गंभीर रूप से झुलस गए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह पूरी घटना रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच की है, जब गहरी नींद में सो रहे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
राजमार्ग पर अचानक टायर फटने से अनियंत्रित हुआ डामर से लदा टैंकर
पुलिस और परिवहन विभाग की प्रारंभिक तकनीकी जांच से यह बात सामने आई है कि आधी रात को डामर से भरा हुआ एक भारी-भरकम टैंकर तेज गति से राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहा था। संगानी गांव के पास पहुंचते ही अचानक टैंकर का एक टायर बेहद जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिसके कारण चालक का वाहन पर से नियंत्रण पूरी तरह खो गया और टैंकर सड़क के बीचों-बीच अनियंत्रित होकर धीमा हो गया। इसी दौरान ठीक पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार निजी लग्जरी बस के चालक को संभलने का अवसर नहीं मिला और बस पूरी ताकत के साथ टैंकर के पिछले हिस्से से जा टकराई।
टक्कर के बाद शॉर्ट सर्किट और डामर के कारण तेजी से फैली भीषण आग
अधिकारियों ने दुर्घटना के तकनीकी कारणों की व्याख्या करते हुए बताया कि दोनों भारी वाहनों के बीच हुई इस भीषण भिड़ंत के तुरंत बाद लग्जरी बस के आंतरिक वायरिंग सिस्टम में एक बड़ा शॉर्ट सर्किट हो गया। बस में उठी चिंगारियों ने आगे खड़े टैंकर में लदे अत्यधिक ज्वलनशील डामर के संपर्क में आते ही एक विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरी बस आग के विशाल शोलों में तब्दील हो गई। दुर्घटना के समय बस में सवार लगभग चालीस यात्रियों में से अधिकांश गहरी नींद में सो रहे थे, जिसके कारण अचानक लगी इस आग की लपटों के बीच से भाग निकलने का उन्हें समय ही नहीं मिल सका।
स्थानीय लोगों की तत्परता से बचे कई यात्री और घायलों का उपचार शुरू
इस भयावह टक्कर और आगजनी की आवाज सुनकर आस-पास के ग्रामीण और राजमार्ग से गुजर रहे अन्य राहगीर तुरंत मदद के लिए आगे आए और उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर बस की खिड़कियां तोड़कर भीतर फंसे कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत दल द्वारा गंभीर रूप से झुलसे हुए सभी दस घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से राजकोट के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी देखरेख कर रही है।
शवों का चोटिला अस्पताल में पोस्टमार्टम और कानूनी कार्रवाई का आगाज
इस हृदय विदारक हादसे में असमय काल के गाल में समा गए चारों अभागे यात्रियों के शव इस कदर जल चुके थे कि उनकी शिनाख्त करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को सुरक्षित निकालकर अंत्यपरीक्षण और पहचान की अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए चोटिला के रेफरल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है। जिला प्रशासन ने इस पूरी घटना के संबंध में मामला दर्ज कर वाहनों के मालिकों और जीवित बचे स्टाफ के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का निर्धारण कर वैधानिक कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके।

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