ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस कर्मियों के लिये आयोजित हुई प्रदेश स्तरीय कार्यशाला
भोपाल : मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस (टी.एल.एम.) कर्मियों की दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में प्रदेश के टी.एल.एम. उपसंभाग के 40 कर्मियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में लाइन कर्मियों को नेतृत्व कौशल, टीम वर्क के साथ सहायक एवं समावेशी तरीके से कार्य करने के अलावा अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में प्रबंध संचालक इंजी. सुनील तिवारी ने कहा कि इस तरह की प्रशिक्षण कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य ट्रांसमिशन कंपनी में नये टीम लीडर तैयार करना है, जो पावर सेक्टर में बदलती परिस्थितियां और बढ़ती चुनौतियों का सफलता पूर्वक सामना कर सकें। उन्होंने कहा कि एम.पी. ट्रांसको को देश की सर्वश्रेष्ठ ट्रांसमिशन कंपनी बनाये रखने के लिये वर्तमान कार्यशैली में बदलाव की आवश्यकता है। इस तरह की प्रशिक्षण कार्यशालाएं कर्मियों के आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ाने में सहायक हो रही है। सभी ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस कर्मियों को बेयरहेंड मेंटेनेंस के साथ-साथ हॉट लाइन मेंटेनेंस की ट्रेनिंग लेना चाहिए, ताकि वो लाइन मेंटेनेंस की सभी विधाओं में पारंगत हो सके। उन्होंने कर्मियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं के बारे में जाना और उन्हें दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये।
पहली बार वरिष्ठ लाइन कर्मियों ने भी दिया प्रशिक्षण
मुख्य अभियंता संदीप गायकवाड़ की परिकल्पना पर एम.पी. ट्रांसको के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस कर्मियों के लिये पहली बार इस तरह की कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें मुख्य बात यह रही वरिष्ठ लाइन कर्मियों गप्पू सिंह इटारसी एवं जबलपुर के मंगल पनिका, राजेन्द्र कुशवाहा आदि ने न केवल प्रशिक्षण प्राप्त किया बल्कि उन्होंने साथियों को जीरो एक्सीडेंट लक्ष्य के साथ किस तरह विभिन्न परिस्थितियों में संयम के साथ कार्य निष्पादित करना है, इस संबंध में अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने मेंटेनेंस के महत्वपूर्ण गुर भी सिखाये।

राशिफल 15 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन