रांची: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने झारखंड के कोडरमा जिले में अवैध रूप से विस्फोटकों के भंडारण और उनके अवैध परिवहन से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए की टीमों ने गुरुवार को दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। इस दौरान एजेंसी द्वारा कुल चार संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जहां से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बड़ी रकम बरामद की गई है।

छापेमारी में भारी मात्रा में डेटोनेटर और नकदी बरामद

एनआईए द्वारा की गई इस मुस्तैद कार्रवाई के दौरान चार अलग-अलग स्थानों से 1,662 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा मौके से पांच डिजिटल डिवाइस और 16 लाख रुपये की भारी भरकम नकदी भी बरामद की गई है। एजेंसी जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच करवा रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क की गहराई का पता लगाया जा सके।

विस्फोटकों के अवैध कारोबार में शामिल दो आरोपी गिरफ्तार

मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान महेश मेहता और शंकर यादव के रूप में हुई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों आरोपी कोडरमा और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से घातक विस्फोटकों को एकत्र करने तथा उन्हें अन्य आपराधिक तत्वों तक पहुंचाने के लिए रची गई साजिश में मुख्य भूमिका निभा रहे थे।

अवैध नेटवर्क की कड़ियां तलाशने में जुटी जांच एजेंसी

एनआईए की इस कार्रवाई से अवैध विस्फोटक कारोबारियों और संदिग्ध नेटवर्कों के बीच हड़कंप मच गया है। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर कहां से लाए गए थे और इनका इस्तेमाल किस बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए किया जाना था।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे

दोनों आरोपियों को कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। एनआईए के अधिकारियों का मानना है कि महेश मेहता और शंकर यादव से पूछताछ के दौरान इस अवैध नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों के नामों का पर्दाफाश हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।