अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों ने ऑयल टैंकर पर किया कब्जा
अदन। अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती की एक गंभीर घटना सामने आई है। शनिवार को अज्ञात हमलावरों ने यमन के तट के पास एक तेल टैंकर का अपहरण कर लिया और उसे सोमालिया की दिशा में मोड़ दिया। यमन के कोस्ट गार्ड ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने टैंकर की लोकेशन का पता लगा लिया है और वर्तमान में उस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन अब चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जहाज को लुटेरों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर रणनीति बना रहा है।
जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने यमन के शबवा प्रांत के पास टोगो के झंडे वाले तेल टैंकर यूरेका को निशाना बनाया। हमलावर जबरन जहाज पर चढ़ गए और चालक दल को बंधक बनाकर जहाज का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। मरीन ट्रैफिक डेटा के मुताबिक, इस टैंकर को आखिरी बार मार्च के अंत में संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह पर देखा गया था। फिलहाल टैंकर पर सवार चालक दल के सदस्यों की कुल संख्या और उनकी नागरिकता के बारे में स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई है। कोस्ट गार्ड के एक आधिकारिक बयान में कहा गया, हमने टैंकर की स्थिति को ट्रैक कर लिया है। हमारी प्राथमिकता चालक दल को सुरक्षित बचाना और हमलावरों को उनके मंसूबों में नाकाम करना है। हम इसे वापस नियंत्रण में लेने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय कर रहे हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अदन की खाड़ी और सोमालियाई तट पर समुद्री डकैती का खतरा एक बार फिर गहराने लगा है। 2000 के दशक की शुरुआत में यह क्षेत्र समुद्री लूट का केंद्र था, जो 2011 में अपने चरम पर पहुंच गया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय नौसेनाओं की तैनाती के बाद इन घटनाओं में भारी कमी आई थी, लेकिन हाल के हफ्तों में आए उछाल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। यूरोपीय संघ के नौसैनिक मिशन ऑपरेशन अटलांटा ने भी पिछले कुछ समय में हमलों की बढ़ती संख्या पर रिपोर्ट दी है।
हालांकि यह क्षेत्र वर्तमान में विभिन्न वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रहा है, लेकिन प्राथमिक जांच में इस अपहरण का मौजूदा युद्ध या राजनीतिक संघर्षों से सीधा संबंध होने का कोई संकेत नहीं मिला है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सोमालिया के पुंटलैंड क्षेत्र में समुद्री लुटेरों के नए समूहों की सक्रियता इस पुनरुत्थान का मुख्य कारण हो सकती है। फिलहाल, यमनी प्रशासन अंतरराष्ट्रीय बलों के साथ समन्वय कर टैंकर को मुक्त कराने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

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