त्रिपुरा में आक्रोश: बांग्लादेशी गैस टैंकर्स का घेराव
अगरतला। त्रिपुरा के जीरानिया और बोधजंग नगर क्षेत्रों में जनता का धैर्य तब जवाब दे गया, जब प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश से आए आठ गैस बुलेट टैंकर्स को रोक दिया। बांग्लादेशी वापस जाओ के नारों के साथ हुआ विरोध प्रदर्शन केवल एक नाकाबंदी नहीं, बल्कि पड़ोसी देश में पनप रहे भारत-विरोधी विमर्श और हिंदुओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ एक कड़ा संदेश है।
दरअसल बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के आने को विशेषज्ञ केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि कट्टरपंथ का आगमन मान रहे हैं। यूनुस की चीन यात्रा और वहां सेवन सिस्टर्स (पूर्वोत्तर भारत) के लिए बांग्लादेश को गार्जियन बताने वाला बयान भारत की क्षेत्रीय अखंडता के लिए सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। त्रिपुरा जैसे शांत राज्य में इस तरह का प्रदर्शन भारत की बदलती रणनीति और जन-भावनाओं को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार अब स्वीकार्य नहीं हैं। भारत-विरोधी एजेंडा चलाने वालों को भारतीय संसाधनों का लाभ नहीं मिलने दिया जाएगा। सीमा पार से दी जा रही धमकियों का जवाब अब ज़मीनी कार्रवाई से दिया जाएगा।

विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय से आमजन को पहुंचे अधिक से अधिक स्वास्थ्य लाभ : आयुष मंत्री परमार
स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील एवं जागरूक होना जरूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
चिकित्सकों के संवेदनशील व्यवहार से मरीजों की आधी तकलीफ़ हो जाती है दूर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
पश्चिम बंगाल चुनाव: बीजेपी ने 140 उम्मीदवार तय किए, सूची जल्द जारी होने के संकेत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को बरही के किसान सम्मेलन में होंगे शामिल
चुनावी खर्च में बीजेपी सबसे आगे, बिहार में कांग्रेस से चार गुना ज्यादा रकम खर्च
रहस्यमय हालात में झाक मठ के महंत पारसनाथ की मौत, कुंड में मिला शव
गैस संकट पर बयान, CM मोहन यादव ने राहुल गांधी पर लगाया राजनीति करने का आरोप