भारत-म्यांमार बॉर्डर सील करने के विरोध में पूर्वोत्तर राज्य
गुवाहाटी । देश के चार राज्यों से लगी म्यांमार सीमा सील करने के केंद्र के फैसले को लेकर पहाड़ और घाटी दो हिस्सों में बंट गए हैं। घाटी के लोग खुश हैं। वहीं, पहाड़ी विरोध में हैं। यहां तक कि मिजोरम और नगालैंड के मुख्यमंत्री भी विरोध में उतर आए हैं।
मैतेई समुदाय की संस्था कोकोमी सहित घाटी के संगठनों का कहना है कि इससे शरारती तत्वों की आवाजाही रुकेगी और सीमाएं सुरक्षित होंगी। कोकोमी प्रवक्ता खुराइजम अथौउबा ने कहा कि मणिपुर में चल रहे हिंसक संकट के मूल में म्यांमार से यहां हो रहा पलायन है। दूसरी तरफ, मिजोरम के मुख्यमंत्री लल्दुहोमा का कहना है कि सीमा के दोनों तरफ रहने वाले मिजो-जो-चिन समुदाय को क्षेत्र में आने-जाने से नहीं रोका जा सकता। वे अंग्रेजों के समय एकतरफा तरीके से निर्धारित की गईं सीमाओं को नहीं मानते। इस बीच नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने भी कहा कि जहां तक नगालैंड का सवाल है तो सीमा के दोनों तरफ नगा रहते हैं। केंद्र को फैसले पर अमल करने से पहले एक सर्वमान्य फॉर्मूला बनाना चाहिए।

उड़ानों में बदलाव से अमृतसर के ट्रैवल इंडस्ट्री पर असर, पर्यटन कारोबार सुस्त
स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, लुधियाना में पुलिस और बम स्क्वॉड अलर्ट
खैरा की पोस्ट से भड़का विवाद, सदन में निंदा प्रस्ताव लाकर घेरा
ट्रंप प्रशासन पर कानूनी हमला: एंथ्रोपिक ने पेंटागन के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी
सोने-चांदी ने पकड़ी रफ्तार: चांदी ₹9250 उछली, सोना ₹1.62 लाख पहुंचा
बिहार राज्य आवास बोर्ड का ‘तिलस्मी’ खेल, प्लॉट की लोकेशन और नक्शा दोनों गायब
बाजार में खरीदारी का जोर: सेंसेक्स 656 अंक चढ़ा, निफ्टी ने पार किया 24,200
बेटे को मिली आलोचनाओं पर बोले संजू सैमसन के पिता, अब बेहतर व्यवहार की उम्मीद
PWD में भ्रष्टाचार का मामला, महिला कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार