Tamil Nadu की राजनीति में नई एंट्री, क्या विजय दोहराएंगे एमजीआर का इतिहास?
चेन्नई। तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद आए एग्जिट पोल के आंकड़ों ने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है। जहाँ अधिकांश सर्वे सत्ताधारी डीएमके (DMK) की वापसी का संकेत दे रहे हैं, वहीं सबसे बड़ा धमाका सुपरस्टार विजय की नई पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की पार्टी पहले ही चुनाव में किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है या एक बड़ा उलटफेर कर सकती है। राज्य के भविष्य का असली फैसला अब 4 मई को होने वाली मतगणना के साथ होगा।
थलपति विजय का 'सुपरहिट' डेब्यू और सीएम की दौड़
एग्जिट पोल के नतीजों में 'एक्सिस माई इंडिया' के आंकड़े सबसे अधिक चौंकाने वाले हैं, जिसमें विजय की पार्टी TVK को 98 से 120 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। यह आंकड़ा बहुमत के जादुई आंकड़े (118) के बेहद करीब है। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री की पसंद के रूप में भी विजय ने मौजूदा मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को कड़ी टक्कर दी है। सर्वे के अनुसार, 37% जनता विजय को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है। यदि ये नतीजे हकीकत में बदलते हैं, तो विजय, एम.जी. रामचंद्रन (MGR) और जयललिता के बाद राज्य के तीसरे ऐसे अभिनेता होंगे जो सीधे सत्ता के शीर्ष पर पहुँचेंगे।
द्रविड़ किलों में सेंध: अन्य सर्वे की क्या है राय?
हालांकि एक्सिस माई इंडिया विजय की बड़ी जीत का दावा कर रहा है, लेकिन अन्य पोलस्टर्स की राय थोड़ी अलग है। पीपुल्स पल्स (People’s Pulse) ने TVK को 18-24 सीटें, पी-मार्क (P-Marq) ने 16-26 और चाणक्य स्ट्रैटेजीज ने 18-26 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की है। मैट्रिक्स (Matrize) के सर्वे में यह आंकड़ा 10-12 सीटों तक सीमित है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि विजय भले ही बहुमत न लाएं, लेकिन वे डीएमके और एआईएडीएमके के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाने में सफल रहे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
स्टालिन का 'द्रविड़ मॉडल' बनाम सत्ता विरोधी लहर
ज्यादातर एग्जिट पोल अभी भी एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार की वापसी की ओर इशारा कर रहे हैं। पीपुल्स पल्स के अनुसार, डीएमके गठबंधन 125-145 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रख सकता है, जबकि एआईएडीएमके गठबंधन 65-80 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। प्रजा पोल (Praja Poll) ने डीएमके के लिए 148-168 सीटों का सबसे बड़ा अनुमान लगाया है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री स्टालिन का 'द्रविड़ मॉडल' और जनकल्याणकारी योजनाएं अभी भी मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को प्रभावित कर रही हैं, लेकिन विजय की बढ़ती लोकप्रियता ने पुरानी पार्टियों की चिंताएं निश्चित रूप से बढ़ा दी हैं।

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