बेरूत/तेल अवीव: लेबनान में शांति की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर हुआ युद्धविराम समझौता पूरी तरह धराशायी हो चुका है। इज़रायल ने ट्रंप के आदेशों और अंतरराष्ट्रीय दबाव को दरकिनार करते हुए दक्षिण लेबनान में भीषण हमले शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को हुई ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक्स और गोलाबारी ने एक बार फिर खूनी खेल शुरू कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुँच गया है।

घरों पर बरसे बम: महिलाओं और बच्चों समेत एक ही परिवार के कई सदस्य खत्म

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को हुई इज़रायली एयरस्ट्राइक्स में अब तक 24 लोगों की जान जा चुकी है। हमलों की भयावहता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिबचिट गाँव में एक रिहायशी मकान को निशाना बनाया गया, जिसमें एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में 5 महिलाएं और 2 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि बचाव कार्य जारी रहने के कारण मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

हिज़बुल्लाह का पलटवार: इज़रायली टैंकों और सैनिकों पर ड्रोन से हमला

सीज़फायर टूटने और आम नागरिकों की मौत के बाद हिज़बुल्लाह ने इज़रायल से कड़ा बदला लेने का ऐलान किया है। दक्षिण लेबनान में हिज़बुल्लाह के लड़ाके फिर से सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने इज़रायली सेना की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। जवाबी कार्रवाई में हिज़बुल्लाह ने बिन्त जेबिल इलाके में दो इज़रायली मरकावा टैंकों को ड्रोन के जरिए तबाह कर दिया। इसके अलावा, उत्तरी इज़रायल में किए गए एक सटीक ड्रोन हमले में इज़रायल का एक सैनिक भी मारा गया है। दोनों ओर से बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने ट्रंप प्रशासन की शांति कोशिशों पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।