मुरैना: सबलगढ़ तहसील में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के लिए बने मैरिज गार्डन में कथित तौर पर फर्जी अस्पताल चलाया जा रहा था. प्रशासन की छापामार कार्रवाई में इस अवैध क्लीनिक से बड़ी मात्रा में दवाइयां और कई आधुनिक मशीनें बरामद हुई हैं. जिसके बाद प्रशासन द्वारा गार्डन को सील कर दिया गया है. अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में चल रहे अवैध धंधे की परतें खुलने लगी.

मैरिज गार्डन में चल रही थी अवैध क्लीनिक

सबलगढ़ के बीएमओ देवानंद शर्मा के मुताबिक, कलेक्टर के निर्देश पर जिलेभर में घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. इसी दौरान सबलगढ़ के नायब तहसीलदार रवि सिंह भदौरिया राजस्व पटवारी टीम के साथ जयपुरिया बाग स्थित जगदम्बा मैरिज गार्डन पहुंचे. जांच के दौरान टीम ने पाया कि मैरिज गार्डन परिसर में बिना किसी वैध अनुमति के एक क्लीनिक संचालित किया जा रहा है.

उत्तर प्रदेश के बरेली से जुड़ा तार

जानकारी के अनुसार, प्रशासन को पहले भी शिकायत मिली थी कि यहां उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी शांत आर्य नामक युवक खुद को डॉक्टर बताकर लोगों का इलाज कर रहा है. जब टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लीनिक की जांच की तो वहां से बड़ी संख्या में दवाइयां और कई मशीनें मिलीं. जांच में यह भी सामने आया कि क्लीनिक चलाने वाले व्यक्ति के पास किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री का कोई प्रमाण नहीं मिला.

अवैध क्लीनिक से दवाइयां और आधुनिक मशीनें जब्त

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई मरीज यहां इलाज के लिए आते थे. लेकिन मरीजों को यह जानकारी नही थी कि उनका इलाज एक फर्जी व्यक्ति कर रहा है. सूचना मिलते ही स्वास्थ विभाग की टीम पहुंची और मौके से बड़ी मात्रा में दवाइयां और मशीनों को जब्त कर जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है.

अवैध गतिविधियां संचालित होने की आशंका

आरोप है कि अवैध क्लीनिक में भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी अवैध गतिविधियां भी संचालित हो रही थी, हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है. फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है.

 

 

'किसी भी प्रकार की मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री नहीं मिली'

सीएमएचओ डॉ. पदमेश उपाध्याय ने बताया, "सबलगढ़ के एक मैरिज गार्डन में संचालित अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई की गई है. जांच के दौरान क्लीनिक में बरेली का एक व्यक्ति मरीजों का इलाज करते पाया गया, लेकिन उसके पास किसी भी प्रकार की मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री नहीं मिली. इसके बाद बीएमओ की टीम ने मौके से दवाइयां, मशीनें और अन्य चिकित्सकीय सामान जब्त कर लिया.

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी गठिया और अन्य बीमारियों का इलाज करता था. मैरिज गार्डन में क्लीनिक संचालित करना पूरी तरह अवैध है. राजस्व टीम ने बीएमओ के साथ मिलकर क्लीनिक बंद कर दिया है और आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है."