छात्रों के लिए सुनहरा अवसर, 14 मई तक करें आवेदन
रायपुर: CGBSE बोर्ड परीक्षा के अंकों से असंतुष्ट छात्रों के लिए सुनहरा मौका; 14 मई तक करें आवेदन
रायपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद उन विद्यार्थियों के लिए राहत के द्वार खोल दिए हैं जो अपने रिजल्ट से पूरी तरह खुश नहीं हैं। बोर्ड ने अंकों के मिलान और कॉपियों की दोबारा जांच के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का अवसर
यदि आपको लगता है कि आपकी मेहनत के अनुरूप अंक नहीं मिले हैं, तो आप निम्नलिखित सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं:
-
पुनर्गणना (Recounting): केवल अंकों के योग की दोबारा जांच।
-
पुनर्मूल्यांकन (Revaluation): उत्तरों का फिर से मूल्यांकन।
-
उत्तरपुस्तिका अवलोकन (Viewing): अपनी खुद की उत्तरपुस्तिका को देखने की सुविधा।
महत्वपूर्ण तिथियां और समय सीमा
बोर्ड ने आवेदन के लिए कड़े नियम और स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की है:
-
अंतिम तिथि: छात्र 14 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
-
नियम: परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के भीतर ही आवेदन करना अनिवार्य है।
-
चेतावनी: निर्धारित तिथि निकल जाने के बाद किसी भी स्थिति में आवेदन फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
कैसे करें आवेदन?
छात्रों की सहूलियत के लिए दो विकल्प दिए गए हैं:
-
ऑनलाइन: बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए सीधे फॉर्म भर सकते हैं।
-
ऑफलाइन: चिन्हित केंद्रों पर जाकर भी आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
किन्हें करना चाहिए आवेदन?
यह सुविधा विशेष रूप से उन छात्रों के लिए फायदेमंद है:
-
जिन्हें लगता है कि किसी विषय में अंक जुड़ने से रह गए हैं।
-
जिन्हें उम्मीद से काफी कम नंबर मिले हैं।
-
जो मेरिट लिस्ट या टॉपर्स की सूची में स्थान पाने की उम्मीद रखते हैं।

राशिफल 06 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनीं 17 गांवों की समस्याएं
राज्य के 7 जिलों में लोगों की आमदनी बढ़ाने के लिए एकीकृत आजीविका कार्यक्रम
राज्य वित्त आयोग 6 जून को करेगा नर्मदापुरम का दौरा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलीं पर्वतारोही अंजना यादव
पर्यावरण दिवस पर मार्कफेड में वृक्षारोपण
‘खेत बचाओ अभियान‘ के तहत एनआईबीएसएम द्वारा हरी खाद तकनीक का सजीव प्रदर्शन
ऊर्जा मंत्री तोमर ने विषम परिस्थितियों में बिजली कार्मिकों द्वारा व्यवधानों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ताओं के धैर्य की सराहना की
हमारी जीवन पद्धति में प्रकट होता है पर्यावरण संरक्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सेवानिवृत्ति के बाद आराम नहीं, बल्कि खेती में नई पहचान बनाने का सपना’