गाजे-बाजे के साथ निकली बकरे की शव यात्रा, गंगा किनारे हुआ विधि विधान से अंतिम संस्कार
अमरोहा। उत्तर प्रदेश के जनपद अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र के गांव पाल में बकरे का अंतिम संस्कार चर्चा का विषय बना हुआ है। चामुंडा मैया के नाम से छोड़े गए इस बकरे की मौत हो जाने पर ग्रामीणों ने उसकी अर्थी सजाकर अंतिम यात्रा निकाली और विधि-विधान से गंगा किनारे उसका अंतिम संस्कार किया।
ग्रामीणों के अनुसार, यह बकरा करीब 20 साल पहले चामुंडा देवी के नाम से छोड़ा गया था। बकरा गांव में स्वतंत्र रूप से घूमता था और हर शाम चामुंडा मंदिर पर बैठ जाता था। बीते कुछ दिनों से बकरा बीमार चल रहा था और उसे तेज बुखार हो गया था। ग्रामीणों ने उसका इलाज भी कराया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और अंततः उसकी मौत हो गई। जिसकी जानकारी सुबह होते ही ग्रामीणों ने उसकी अर्थी सजाई। ग्रामीण आवेश ने बताया कि किसी मनुष्य की तरह बकरे की अर्थी बनाई गई और पूरे गांव ने उसकी शव यात्रा निकाली। यह शव यात्रा गंगा तट तक पहुंची, जहां बकरे का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया। इस यात्रा में गांव के सभी लोग शामिल हुए। बकरे की यह शव यात्रा अब इलाके में चर्चा का विषय बन गई है, और लोग इसे एक अनोखी घटना के रूप में देख रहे हैं।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (23 फ़रवरी 2026)
सशक्त समाज निर्माण में शिक्षा और संगठन की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का किया आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 131वीं कड़ी
मालवा की अनुकूल भौगोलिक स्थिति और सुदृढ़ अधोसंरचना से औद्योगिक विकास को मिली नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की पहल ‘देखो अपना देश’ से जागा युवाओं में उत्साह
देश के प्रत्येक व्यक्ति को जनजातीय इतिहास को जानना चाहिए: चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत
27 दिनों तक चिकित्सकों की देखभाल से नन्हीं जान को मिला नया जीवन
नवाचार और तकनीक से मध्यप्रदेश को बनाया जायेगा अग्रणी कृषि राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
"मन की बात" देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक प्रभावी प्लेटफार्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव