सरकारी योजना के नाम पर धोखाधड़ी का मामला उजागर
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर| में विकास प्राधिकरण (RDA) का मकान दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. जालसाजों ने एक महिला को फर्जी अलॉटमेंट ऑर्डर (आवंटन पत्र) देकर 7.10 लाख रुपये की ठग लिए. इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब महिला कब्जा लेने आरडीए कार्यालय पहुंची. अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद माना थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है|
खुद का घर चाहती थी कविता मंडल
मामले में माना पुलिस ने बताया कि पीड़िता कविता मंडल (38 वर्ष) निवासी माना कैंप, अपना खुद का घर चाहती थी. इसके लिए उसने जुलाई 2024 में राकेश मंडल, सरिता मंडल और पुनीत सिंह नामक लोगों से संपर्क किया था. इन तीनों लोगों ने खुद की आरडीए में अच्छी पकड़ होने का दावा किया और कविता को मकान दिलाने का झांसा दे दिया|
फर्जी दस्तावेज से की 7.10 लाख की वसूली
आरोपियों ने 8 जुलाई से 22 जुलाई 2024 के बीच अलग-अलग किस्तों में कविता से कुल 7.10 लाख रुपये की वसूली कर ली. कविता का भरोसा जितने के लिए उन्होंने कविता को आरडीए के फर्जी सील-सिक्के लगे आवंटन पत्र और अन्य कागजात सौंप दिए गए. जब कविता ने इन सभी दस्तावेजों को लेकर आरडीए ऑफिस का रूख किया, तो अधिकारियों ने बताया कि सभी दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी है और उनके नाम कोई भी मकान आवंटित नहीं हुआ है|
पीड़िता ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
इस पूरे घटनाक्रम में पीड़िता को जब पता चला कि उसके साथ धोखधड़ी हुई तो उसने आरोपियों से पैसे वापस मांगे. आरोपियों ने महीनों तक उसे आज-कल और अगले महीने बोल-बोलकर टाल दिया. आरोपियों के आज-कल से परेशान होकर कविता ने कोर्ट में याचिका दायर की. प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट गुरु देवांगन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए माना पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया. कोर्ट के आदेश के बाद माना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी|

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