फाउची की पेशी बनी चर्चा का विषय, सवालों के जवाब देने से किया इंकार
वाशिंगटन। अमेरिका में कोरोना काल के दौरान मुख्य चिकित्सा सलाहकार रहे डॉ. एंथनी फाउची ने अमेरिकी सीनेट की सुनवाई के दौरान अधिकारियों के सवालों का जवाब देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि उन्हें यह आशंका है कि रिपब्लिकन पार्टी के नेता उनके बयानों को आधार बनाकर उन पर झूठी गवाही देने का केस दर्ज करा सकते हैं। इसी वजह से फाउची ने पूछताछ के दौरान अमेरिकी संविधान के पांचवें संशोधन की शरण ली और 100 से भी अधिक बार इसका उपयोग किया। यह संवैधानिक नियम किसी भी नागरिक को अपने खिलाफ बयान या गवाही देने से कानूनी सुरक्षा देता है।
पहले भी गवाही देने की कही बात
डॉ. फाउची का कहना है कि वे कोरोना महामारी की शुरुआत और इसके कारणों को लेकर पहले भी अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष कई बार अपना पक्ष रख चुके हैं। दूसरी ओर, रिपब्लिकन पार्टी के नेता उन पर लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि उन्होंने महामारी के समय जनता से जरूरी जानकारियां छिपाईं और इसके खतरों को लेकर गुमराह किया। हालांकि, फाउची इन आरोपों का हमेशा से खंडन करते आए हैं। कानून के अनुसार पांचवें संशोधन का सहारा लेने का मतलब यह बिल्कुल नहीं होता कि व्यक्ति ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
कानूनी कार्रवाई का सता रहा डर
पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने फाउची को 2014 से 2025 तक के कार्यों के लिए पहले ही विशेष माफी (पार्डन) दे दी थी, जिससे उन्हें उस समयावधि के मामलों में संघीय मुकदमे से सुरक्षा मिली हुई है। इसके बावजूद, यदि वे वर्तमान में चल रही इस नई सुनवाई में कोई बयान देते हैं, तो उस पर नया कानूनी मामला बनने का खतरा बना रहता है। इसी कानूनी अड़चन और केस दर्ज होने के डर से उन्होंने सवालों पर चुप रहना ही बेहतर समझा।

राशिफल 14 सितम्बर 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले को दी 183 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितंबर तक सजेगा चक्रधर समारोह का भव्य मंच
कठिनाईयों और संघर्ष के बावजूद अपनी पहचान और गौरव को बनायें रखने वाले सिंधी समाज पर सभी को गर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह
सेवा संकल्प अभियान 2026: हुनर को मिल रही नई उड़ान’
पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
"हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
लगातार दो वर्ष देश में सर्वाधिक रिकवरी दर, यह किसानों की मेहनत का परिणाम है - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा