पर्यावरण पर खतरा: महुरेना बीट में सैकड़ों पेड़ों की छाल निकाली गई
लखीमपुर खीरी जिले में जंगल के पेड़ों को सुखाने के लिए लकड़हारे अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं। जिसमें छाल छीलकर धीरे-धीरे पेड़ सुखा देने का तरीका काफी पुराना है। ऐसा ही एक मामला महुरेना बीट के जंगल का प्रकाश में आया है। इसी कारण आबादी के नजदीकी जंगल का क्षेत्र निरंतर काम होता जा रहा ह
मैलानी वन रेंज की महुरेना बीट में असौवा गांव के नजदीकी जंगल में सैकड़ों पेड़ों की जड़ से करीब पांच फीट की ऊंचाई तक तने की छाल निकाल दी गई है। जंगल में इसी तरीके से कई पेड़ सुखा हुए भी खड़े हैं। इस तरह से छिले पेड़ दूर से ही दिखाई देते हैं। जबकि वन विभाग की ओर जंगल की सुरक्षा के लिए आबादी के नजदीकी क्षेत्र में व्यापक गस्त करने का निर्देश है।
जिम्मेदारों ने क्या कहा
जिसमें वनरक्षक (वाचर), फॉरेस्ट गार्ड को नियमित रिपोर्ट देनी होती है। हालांकि वन विभाग के कर्मचारी चरवाहों का कृत्य बता रहे हैं। जबकि जानकारों का कहना है कि लकड़हारे पेड़ सुखाने के लिए सबसे आसान तरीका अपनाते हैं। जिसमें गहराई से छाल निकल देने के बाद पेड़ धीरे-धीरे सूख जाता है। रेंजर साजिद अली ने बताया कि दिखवाते हैं कि मामला क्या है। वहीं डिप्टी रेंजर संत त्रिपाठी ने कहना है कि सर्दी में चरवाहे आग तपने के लिए पेड़ों की छाल छील ले जाते हैं।

बेटी के मामले में घिरे पिनाराई विजयन, BJP ने कहा- अब पद पर बने रहने का हक नहीं
40 नए शहर, 87 लाख वोटर और बड़ा फैसला… राजस्थान में आज किसके पक्ष में पड़ेगा जनादेश?
चुनाव से पहले बालोतरा में बढ़ा तनाव, कांग्रेस-RLP कार्यकर्ताओं के बीच विवाद
राजस्थान निकाय चुनाव: मतदान के बीच बढ़ा तनाव, जयपुर से बाड़मेर तक बवाल
शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली में सुरक्षा का सख्त पहरा, संभावित प्रदर्शन पर भी नजर
चबूतरा तोड़ने को लेकर हंगामा, भाजपा कार्यकर्ता-पुत्र की हिरासत पर कोतवाली पहुंचे मंत्री
मंत्री संजय निषाद का बड़ा ऐलान, विनोद साहनी हत्याकांड में आज गोंडा में होगा घेराव
छोटी शुरुआत, बड़ा मुकाम! UP के 8 स्टार्टअप पहुंचे अरबों डॉलर के वैल्यूएशन तक