हाथियों का उत्पात: मरवाही-कोरबा में मौत और नुकसान का सिलसिला जारी
कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में घूम रहे दंतैल हाथी ने सोमवार की रात तीन मकानों को तोड़ दिया और धान खा गए। इसके बाद गन्ने की फसल भी चौपट कर दी। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। इधर, कोरबा में घूम रहे 39 हाथियों ने भी सात किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है।
मरवाही से पहुंचा दंतैल हाथी अब रोज गांव में घुस रहा है। ग्राम बीजाडांड़ के इंद्रपाल सिंह मरावी के पीछे के मकान को तोड़ दिया।इसकी बाड़ी में गन्ने की फसल को चौपट कर दिया। इसके बाद एक टंकी भी तोड़ दी। ग्रामीणों ने किसी तरह से शोर मचाकर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा।
दंतैल ने सुखाबहरा में भी भंवर सिंह और कन्हैया के मकानों को तोड़कर धान को खा गया। यह दंतैल मरवाही से आने के बाद कुम्हारीशानी में एक युवक को कुचलकर मार डाला था। इसकी वजह से ग्रामीणों में दहशत है। कोरबा वन मंडल में भी 53 हाथी अलग-अलग घूम रहे हैं। लेमरू रेंज में घूम रहे 39 हाथियों में नकिया में सात किसानों की फसल को चौपट कर दिया। कुमुरा के गीतकुंवारी में एक दंतैल धरमजयगढ़ वन मंडल से पहुंचा है। बालकों के दुधीटांगर में अभी 13 हाथी घूम रहे हैं।
ग्रामीणों की मान्यता मरवाही से आए हाथी ने एक युवक को मौत घाट उतार दिया। इसके बाद हाथी अकेले जंगल और गांव के आसपास विचरण कर रहा है। ऐसे में उन्हें डर बना हुआ है कि कभी भी हाथी गांव के अंदर घुस सकता है। हाथी तीन मकान को तोड़ा। जहां किसी तरह हाथी को देख मौजूद लोग वहां से भाग खड़े हुए। तब जाकर उनकी जान बची। वहीं काफी संख्या में फसल को भी नुकसान किया है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं वन विभाग लगातार हाथी पर नजर रखी हुई है। वहीं जिस क्षेत्र में हाथी विचरण कर रहा है। वहां आसपास गांव में मुनादी करा कर जंगल की ओर जाने से ग्रामीणों को रोका जा रहा है। वहीं हाथी के साथ छेड़छाड़ करने से रुक जा रहा है। ताकि हाथी हिंसक न हो जाए या फिर किसी तरह को उसको नुकसान न हो।

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