आदिवासी महिलाओं के संपत्ति अधिकार पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
छत्तीसगढ़ : हाई कोर्ट ने आदिवासी महिलाओं के संपत्ति अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जनजाति समुदाय की महिला हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 के तहत पैतृक संपत्ति में हिस्सा नहीं मांग सकती, जब तक यह साबित न हो जाए कि संबंधित जनजाति ने अपनी पारंपरिक उत्तराधिकार प्रणाली को त्याग दिया है। न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की एकलपीठ ने आशावती बनाम रुखमणी व अन्य मामले में 41 साल पुराने नामांतरण और बंटवारे को चुनौती देने वाली अपील को खारिज कर दिया और ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया।
मामले में अपीलकर्ता आशावती ने दावा किया था कि उनके पिता की दो पत्नियां थीं और वे दूसरी पत्नी की पुत्री हैं। उन्होंने 83 एकड़ से अधिक पैतृक कृषि भूमि में बराबर हिस्से की मांग की थी। आशावती का आरोप था कि 1971-72 में उनका नाम राजस्व रिकॉर्ड से हटा दिया गया और उन्हें न तो नोटिस दिया गया और न ही सहमति ली गई, इसलिए नामांतरण अवैध है।
हालांकि, हाईकोर्ट ने माना कि पक्षकार बिंझवार अनुसूचित जनजाति से संबंधित हैं और उन पर हिंदू उत्तराधिकार कानून लागू नहीं होता। कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता यह सिद्ध नहीं कर सकीं कि जनजाति ने अपनी परंपरागत उत्तराधिकार व्यवस्था छोड़ी है। इसी आधार पर उन्होंने पैतृक संपत्ति पर दावा अस्वीकार्य बताया।
कोर्ट ने यह भी कहा कि 1972 में प्रमाणित नामांतरण आदेश को 2013 में चुनौती देना कानूनी रूप से समय-सीमा के बाहर है। लंबे समय तक लागू रहे राजस्व रिकॉर्ड को बिना ठोस सबूत के खारिज नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, अपीलकर्ता धोखाधड़ी या फर्जी हस्ताक्षर का भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकीं।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (17 फ़रवरी 2026)
मुख्य सचिव ने मंत्रालय महानदी भवन में नवा अंजोर विजन@ 2047 मॉनिटरिंग पोर्टल की समीक्षा की
आधुनिक कृषि यंत्रों एवं उन्नत तकनीक से छत्तीसगढ़ का किसान बन रहे हैं आत्मनिर्भर
चिकित्सकों की सतर्कता से बची प्रसूता की जान,पेरिपार्टम कार्डियक अरेस्ट के बाद सफल इलाज
सायबर पंजीयन कार्यालय से पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को मिलेगा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
पूरक पोषण आहार यूनिट का शुभारंभ
जनजातीय बहुल क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति की ओर सरकार की उल्लेखनीय पहल
कटघोरा वनमंडल की सतर्कता से तेंदुए का सफल रेस्क्यू और शिकारी गिरफ्तार
प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को किया जाए प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही