बोर्ड परीक्षार्थियों को झटका, ऑनलाइन फॉर्म में आ रही तकनीकी दिक्कत
कोरबा: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित किए जाने के बाद अब उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्गणना (Re-calculation) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, कोरबा जिले के सैकड़ों छात्र-छात्राओं के लिए यह प्रक्रिया मानसिक तनाव का कारण बन रही है। तकनीकी खामियों और सर्वर पर अत्यधिक बोझ के चलते विभाग की वेबसाइट बार-बार ठप हो रही है, जिससे अपने अंकों से असंतुष्ट विद्यार्थी समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
सर्वर डाउन होने से छात्र और अभिभावक परेशान
29 अप्रैल को बोर्ड परीक्षा के नतीजे आने के बाद से ही आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ है, जिसकी अंतिम तिथि 14 मई तय की गई है। समय सीमा नजदीक होने के कारण छात्र जल्द से जल्द फॉर्म जमा करना चाहते हैं। परीक्षार्थियों का आरोप है कि वेबसाइट या तो खुल नहीं रही है, या फिर लॉगिन के दौरान 'एरर' आ रहा है। कई मामलों में तो छात्रों ने पूरी जानकारी भर दी, लेकिन 'सबमिट' बटन दबाते ही डेटा गायब हो गया या ट्रांजेक्शन फेल हो गया। यह समस्या शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकराल बनी हुई है, जहाँ इंटरनेट की गति पहले से ही एक चुनौती है।
साइबर कैफे में लंबी कतारें और बार-बार विफल प्रयास
ऑनलाइन सेंटर और साइबर कैफे संचालकों का कहना है कि सर्वर पर एक साथ हजारों छात्रों के लॉगिन करने के कारण वेबसाइट 'हैंग' हो रही है। एक फॉर्म भरने में जो समय महज 5 मिनट लगना चाहिए, उसमें अब आधे घंटे से अधिक का समय लग रहा है। कई बार बार-बार प्रयास करने के बाद भी आवेदन सफल नहीं हो पा रहा, जिससे विद्यार्थियों को केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सीमित समय सीमा को देखते हुए अभिभावकों में गहरा रोष है; उनका कहना है कि यदि विभाग डिजिटल माध्यम पर जोर दे रहा है, तो तकनीकी बुनियादी ढांचा भी उतना ही मजबूत होना चाहिए।
विभाग की सलाह: कम लोड वाले समय का करें उपयोग
तकनीकी बाधाओं की शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुकी हैं और विभाग इसे जल्द दुरुस्त करने का दावा कर रहा है। विभागीय सूत्रों ने परीक्षार्थियों को सुझाव दिया है कि वे सर्वर पर पीक लोड (भीड़भाड़) वाले समय, यानी दोपहर के वक्त आवेदन करने से बचें। इसके बजाय, सुबह जल्दी या देर शाम के समय प्रयास करें, जब वेबसाइट पर ट्रैफिक कम होता है और डेटा प्रोसेसिंग की गति बेहतर रहती है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और सर्वर ठीक होते ही अपना आवेदन सुनिश्चित करें।

‘खेत बचाओ अभियान‘ के तहत एनआईबीएसएम द्वारा हरी खाद तकनीक का सजीव प्रदर्शन
ऊर्जा मंत्री तोमर ने विषम परिस्थितियों में बिजली कार्मिकों द्वारा व्यवधानों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ताओं के धैर्य की सराहना की
हमारी जीवन पद्धति में प्रकट होता है पर्यावरण संरक्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सेवानिवृत्ति के बाद आराम नहीं, बल्कि खेती में नई पहचान बनाने का सपना’
विश्व पर्यावरण दिवस पर “खेत बचाओ अभियान” का शुभारंभ
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और साइबर सुरक्षा भविष्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार : मंत्री टेटवाल
प्रकृति मित्र बनकर धरती माता का आंगन हरा-भरा रखने के लिए लगायें पेड़ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुरक्षा व्यवस्था का नया युग, BSF-SSB तैनाती वाले इलाकों में हाईटेक निगरानी
मीनाक्षी नटराजन के विरोध के बीच कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दांव
पुलिस को देखकर भागते थे पारधी, अब उनके बच्चे बैठ रहे एसपी के साथ