बिजली गिरने से बिहार में फिर दर्दनाक हादसा, छह की मौत
बिहार में मॉनसून के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) का कहर जारी है। बीते 24 घंटों में राज्य के छह जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर शामिल हैं, जो बारिश के दौरान खुले में थे।
यहां हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बक्सर, पश्चिम चंपारण, कटिहार, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर जिलों में ये हादसे हुए। बक्सर में एक ही घटना में तीन लोगों की मौत की खबर है, जहां लोग पेड़ के नीचे शरण ले रहे थे। पश्चिम चंपारण और कटिहार में एक-एक व्यक्ति की जान गई, जबकि औरंगाबाद और रोहतास में भी बिजली गिरने से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही।
4 लाख रुपये देने की घोषणा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में सावधानी बरतें और आपदा प्रबंधन विभाग की सलाह का पालन करें।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बिहार के कई जिलों में अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। खास तौर पर पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, और सहरसा जैसे जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे, या धातु की वस्तुओं के पास न रहने की सलाह दी है।
वज्रपात से बचाव के उपाय
बारिश या गरज के दौरान घर के अंदर रहें।
धातु की वस्तुओं, जैसे बिजली के खंभे या पानी के पाइप, से दूर रहें।
खुले मैदानों या ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण न लें।
इंद्रवज्र ऐप डाउनलोड करें, जो बिजली गिरने से पहले अलर्ट देता है।
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। बिहार में हर साल मॉनसून के दौरान वज्रपात से सैकड़ों लोगों की जान जाती है, जिसके लिए जागरूकता और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की जरूरत

राशिफल 15 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन