5 वर्षीय मायरा ने अनोखे अंदाज में मनाया जन्मदिन
रायपुर : प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सुकमा जिले में चल रहे जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल मिली, जब मात्र 5 वर्षीय मायरा केंद्रे ने अपने जन्मदिन को जरूरतमंद टीबी ग्रसित बच्चों के नाम समर्पित कर दिया। मायरा ने अपने जन्मदिन पर जिले के 5 टीबी प्रभावित बच्चों को पोषण आहार प्रदान किया और उनके साथ केक काटकर अपना विशेष दिन मनाया। उनके इस मानवीय कदम ने सभी का हृदय जीत लिया।
मां से मिली प्रेरणा, बचपन से आई सेवा की भावना
मायरा के अभिभावकों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले ही मायरा ने यह फैसला कर लिया था कि वह अपना अगला जन्मदिन टीबी ग्रसित बच्चों के साथ मनाएगी। उसे यह प्रेरणा अपनी मां डॉ. अनुजा केंद्रे, स्त्री रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल सुकमा, से मिली।
डॉ. अनुजा ने पिछले वर्ष अपने जन्मदिन के अवसर पर पांच नवजात शिशुओं को गोद लेकर उनके इलाज पूरा होने तक पोषण आहार देने की जिम्मेदारी निभाई थी। उसी घटना ने मायरा के मन में सेवा और सहयोग की भावना को जन्म दिया।
पोषण आहार से बढ़ेगा स्वास्थ्य, तेजी से होगा उपचार
जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अधिकारियों ने बताया कि टीबी मरीजों, विशेषकर बच्चों के लिए उच्च पोषण आहार अत्यंत आवश्यक है। सही पोषण उन्हें बीमारी से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है और उनकी रिकवरी तेज होती है। इस तरह की व्यक्तिगत पहलें टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूती देती हैं और समाज में जागरूकता फैलाती हैं।
मायरा की पहल ने यह साबित किया कि सेवा करने के लिए उम्र मायने नहीं रखती। एक 5 साल की बच्ची द्वारा टीबी प्रभावित बच्चों की मदद करना समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य टीम और अभिभावकों ने मायरा के कदम की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास टीबी के खिलाफ लड़ाई को नई गति प्रदान करते हैं।
निश्चय मित्र बनकर आप भी कर सकते हैं सहयोग
जिला क्षय उन्मूलन केंद्र सुकमा ने नागरिकों से अपील की है कि वे टीबी मरीजों के पोषण और सहयोग के लिए ‘निश्चय मित्र’ बनकर अभियान से जुड़ें। इच्छुक व्यक्ति जिला क्षय उन्मूलन केंद्र, सुकमा से संपर्क कर सकते हैं और किसी जरूरतमंद मरीज की सहायता कर सकते हैं।

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