दफ्तरों की भागदौड़ पर लगा ब्रेक, सिंगल विंडो ने कम की दूरी
रायपुर : दफ्तरों की भागदौड़ पर लगा ब्रेक, सिंगल विंडो ने कम की दूरीजिला प्रशासन की एक संवेदनशील पहल ने सुकमा के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली की नई रोशनी बिखेरी है। कलेक्ट्रेट परिसर में नवनिर्मित 'सिंगल विंडो कक्ष' केवल एक सरकारी व्यवस्था नहीं, बल्कि आमजन के भरोसे का केंद्र बन गया है। प्रभारी मंत्री केदार कश्यप द्वारा उद्घाटित इस व्यवस्था ने प्रशासनिक पेचीदगियों को खत्म कर दिया है, जिससे अब ग्रामीणों को अपने जरूरी दस्तावेजों के लिए अलग-अलग दफ्तरों की खाक नहीं छाननी पड़ रही है।
प्रशासनिक संवेदनशीलता का सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब पुनर्वास केंद्र से आईं मुचाकी देवे जैसे हितग्राहियों के हाथों में तुरंत राशन कार्ड थमाया गया। मुचाकी देवे की आंखों में खुशी की चमक साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने बताया कि पहले राशन कार्ड या सरकारी पहचान पत्रों के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन यहाँ एक ही छत के नीचे उनका काम मिनटों में हो गया। उनके साथ आए 11 अन्य पुनर्वासित नागरिकों को भी आधार कार्ड, वोटर आईडी और आयुष्मान कार्ड जैसी सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराई गईं।
कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने इस नवाचार के जरिए पारदर्शिता और गति का नया मानक स्थापित किया है। जिला मुख्यालय से 41 किमी दूर मेकावाया जैसे सुदूर गांव से आईं कवासी रेशमा इस बदलाव की प्रत्यक्ष गवाह हैं। रेशमा ने बताया कि अपने परिवार का नाम राशन कार्ड में जुड़वाने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। वहाँ मौजूद स्टाफ न केवल फॉर्म भरने में मदद करता है, बल्कि दस्तावेज तैयार होने तक पूरी आत्मीयता से मार्गदर्शन भी देता है।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाना है। दफ्तरों की भागदौड़ पर लगा ब्रेक, सिंगल विंडो ने कम की दूरी'सिंगल विंडो' की यह पहल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, ताकि सुदूर वनांचलों से आने वाले ग्रामीणों को अपने बुनियादी दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और आयुष्मान कार्ड के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। अब एक ही छत के नीचे सभी महत्वपूर्ण हितग्राहीमूलक सेवाएं उपलब्ध होने से न केवल ग्रामीणों के समय की बचत हो रही है, बल्कि उन्हें त्वरित न्याय और सुविधा भी मिल रही है।
यह 'सिंगल विंडो' सिस्टम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन के संकल्प को धरातल पर उतार रहा है। आंकड़े बताते हैं कि मंगलवार को ही लगभग 67 आवेदनों का निराकरण किया गया, जबकि 16 मार्च से अब तक 3620 नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर जन्म प्रमाणपत्र और श्रम कार्ड से लेकर निवास प्रमाण पत्र तक, एक ही कक्ष में मिल रही इन सुविधाओं ने ग्रामीणों के समय और पैसे, दोनों की बचत की है। सुकमा का यह सिंगल विंडो मॉडल राज्य के लिए जनसेवा की एक मिसाल बन गया है। जहाँ पहले कलेक्ट्रेट के चक्कर काटना ग्रामीणों के लिए थकान और निराशा का सबब होता था, वहीं अब चेहरे पर मुस्कान और हाथ में जरूरी दस्तावेज लेकर लौटते हितग्राही इस पहल की सफलता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।

राशिफल 09 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की पहचान, इसे बनाकर रखें - अरुण साव
हर ग्राम में बनेगी एक "लखपति गोपालक दीदी", पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर दिया जायेगा विशेष ध्यान
गुजरात के संग्रहालयों ने खींचा देश-दुनिया का ध्यान, 16 लाख से अधिक लोगों ने किया भ्रमण
जंगल के बीच क्रिकेट का मैदान और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के हाथ में बैट
भारत बन रहा ग्लोबल फार्मा हब, इसमें म.प्र. की बड़ी भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सिंहस्थ यात्रा की पूरी तैयारी: 8 जरूरी जगहें जो हर यात्री को देखनी चाहिए
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधिकारी फील्ड में दिखाएं ज्यादा सक्रियता : अरुण साव
हितग्राही को बैंक से सब्सिडी और ऋण दिलाने में भी करें सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
तनाव के बीच चीन का बयान, भारत के साथ सहयोगी संबंधों पर दिया जोर