पंजाब में बड़ी साजिश नाकाम: ISI और पाकिस्तानी सेना ने ड्रोन से भेजे थे RPG व विस्फोटक, जांच में बड़ा खुलासा

चंडीगढ़/तरनतारन: पंजाब की शांति भंग करने और राज्य को एक बार फिर दहशत की आग में झोंकने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और वहां की सेना की एक और नापाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों के खुलासे के अनुसार, सीमा पार से आतंकियों को न केवल हथियार बल्कि सीधे पाकिस्तानी सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले गोला-बारूद की आपूर्ति की जा रही है।

शंभू धमाके की जांच में मिले सुराग

शंभू रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट की गहराई से जांच के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस ने आतंकी जगरूप सिंह (जूपा) के भाई सतनाम सिंह की निशानदेही पर तरनतारन के पंजवाड़ गांव से भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया है। जब्त किए गए सामान में रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG), हैंड ग्रेनेड, आईईडी (IED), आरडीएक्स (RDX), पिस्तौलें और पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस फैक्टरी में बने कारतूस शामिल हैं।

ड्रोन के जरिए तबेले तक पहुँच रहा था बारूद

सूत्रों के मुताबिक, ये घातक हथियार ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से भारतीय गांवों में गिराए जा रहे थे। जूपा और उसके भाई ने इन विस्फोटकों को अपने पशुओं के तबेले और निजी वाहन में छिपाकर रखा था। इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी रंजीत सिंह नीटा का संरक्षण प्राप्त था।

विदेशी हैंडलर्स और फंडिंग का जाल

आईएसआई द्वारा हथियार उपलब्ध कराने के बाद, स्थानीय स्तर पर नेटवर्क खड़ा करने और फंड जुटाने की जिम्मेदारी विदेशों में बैठे हैंडलर्स को सौंपी गई थी:

  • मलेशिया: यहां बैठा मुख्य हैंडलर जुझार सिंह आतंकियों को टास्क देने और ट्रेनिंग की रूपरेखा तैयार करने में शामिल था।

  • अमेरिका: अमेरिका में सक्रिय आतंकी सुरिंदर सिंह ठीकरीवाल ने इस मॉड्यूल के लिए वित्तीय संसाधनों (फंड) का इंतजाम किया।

गैंगस्टरों के बजाय कट्टरपंथियों का नया मॉड्यूल

सुरक्षा एजेंसियों ने पाया है कि इस बार साजिशकर्ताओं ने गैंगस्टरों के बजाय धर्म के नाम पर गुमराह किए गए कट्टरपंथी युवाओं का एक अलग मॉड्यूल तैयार किया है। इस मॉड्यूल का नेतृत्व प्रदीप सिंह खालसा कर रहा था, जो एक संगठन की आड़ में युवाओं को भर्ती कर उन्हें आतंकी वारदातों के लिए तैयार करता था।

मुख्य बिंदु:

  • पाकिस्तानी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले RPG की पहली बार इस तरह बरामदगी।

  • हथियारों की डिलीवरी के लिए ड्रोन तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल।

  • जांच में मलेशिया और अमेरिका के आतंकी लिंक आए सामने।

  • पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां राज्य में सक्रिय अन्य स्लीपर सेल्स की तलाश में जुटीं।