केसरिया महल में बाबा रणजीत के दर्शन: इंदौर में जन्मोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब
इंदौर: इंदौर के प्राचीन और प्रतिष्ठित रणजीत हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जा रहा है। दरअसल इस मौके पर बाबा रणजीत अपने भक्तों को खास तौर पर तैयार किए गए ‘केसरिया महल’ में दर्शन दे रहे हैं। मंदिर परिसर को केसरिया पर्दों, रंगीन झंडियों और ताजे फूलों की लड़ियों से भव्य तरीके से सजाया गया है, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और आकर्षक बन गया है। सुबह 6 बजे जन्मोत्सव आरती के बाद मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं, जिसके बाद दर्शन का सिलसिला लगातार जारी है।
दरअसल मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि इस साल हनुमान जन्मोत्सव को खास ‘केसरिया महल’ थीम पर सजाया गया है। यह थीम हनुमान जी के प्रिय रंग केसरिया को समर्पित है और मंदिर का लगभग हर हिस्सा इसी रंग में सजा हुआ दिखाई दे रहा है। रात 10 बजे से बाबा रणजीत का महाभिषेक शुरू किया गया था, जो करीब पांच घंटे तक चला और ब्रह्म मुहूर्त में सुबह करीब 3 बजे पूरा हुआ। इस महाभिषेक में कई पवित्र नदियों के जल और औषधियों का उपयोग किया गया।
वहीं महाभिषेक के बाद भगवान का बेहद सुंदर और भव्य श्रृंगार किया गया, जिसमें सुगंधित फूल, चांदी के आभूषण और विशेष वस्त्रों का उपयोग किया गया। सुबह ठीक 6 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जन्मोत्सव आरती संपन्न हुई, जिसके बाद बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों के लिए दर्शन शुरू किए गए। मंदिर में तैयार किया गया ‘फूल बंगला’ भी भक्तों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
भक्तों की सुविधा और गर्मी से बचाव के विशेष इंतजाम
दरअसल रणजीत हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव पर उमड़ने वाली बड़ी भीड़ और इंदौर की गर्मी को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने भक्तों की सुविधा के लिए कई विशेष इंतजाम किए हैं। पंडित दीपेश व्यास के मुताबिक दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की लंबी कतारों को व्यवस्थित रखने के लिए मंदिर परिसर में जिग-जैग पैटर्न की बैरिकेडिंग लगाई गई है। इस व्यवस्था से भक्त आराम से आगे बढ़ते हुए दर्शन कर सकेंगे और भीड़ में धक्का-मुक्की की स्थिति भी नहीं बनेगी।
करीब 40 बड़े कूलर लगाए गए
गर्मी से राहत देने के लिए मंदिर परिसर में करीब 40 बड़े कूलर लगाए गए हैं। इसके अलावा पानी की महीन फुहार छोड़ने वाले खास पंखे भी लगाए गए हैं, जिससे भक्तों को गर्मी से राहत मिलेगी। मंदिर के ग्राउंड एरिया को भी कवर करके वहां मुलायम कारपेट बिछाया गया है, ताकि नंगे पैर चलने वाले भक्तों को गर्म जमीन से परेशानी न हो। भक्तों की सुविधा के लिए तीन बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं, जिससे दूर खड़े भक्त भी भगवान के सीधे दर्शन कर सकें और आरती व अन्य कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण देख सकें। पीने के पानी की व्यवस्था तीन अलग-अलग जगहों पर की गई है और एक स्थान पर भक्तों को मीठा और ठंडा शरबत भी मुफ्त में दिया जा रहा है।
यह भी खास बात है कि रणजीत हनुमान मंदिर में इन दिनों ‘रणजीत लोक’ परियोजना का काम चल रहा है, इसलिए भक्तों की एंट्री फिलहाल बड़ी पार्किंग से रखी गई है। मंदिर प्रबंधन ने यह व्यवस्था की है कि जब भक्त दर्शन करके बाहर निकलें, तो उन्हें वहीं पर प्रसाद मिल जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य भक्तों को बेहतर सुविधा देना और भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करना है। जन्मोत्सव के पूरे दिन सुबह से रात तक मंदिर परिसर में अलग-अलग भजन गायक भक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगे, जिससे माहौल लगातार भक्तिमय बना रहेगा।
विशाल भंडारा और प्रसाद वितरण की व्यवस्था
दर्शन के बाद बाहर निकलते समय भक्तों को प्रसाद वितरण की भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसमें ताजे फ्रूट सलाद, ठंडी लस्सी और पौष्टिक छाछ का प्रसाद दिया जा रहा है, जो गर्मी में भक्तों को राहत देगा। जिन भक्तों ने अपने घर से प्रसाद लाया है और उसे भगवान को अर्पित करना चाहते हैं, उनके लिए भी अलग से काउंटर बनाए गए हैं। मंदिर प्रबंधन ने हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर 7 अप्रैल को एक विशाल चलित भंडारे का आयोजन भी रखा है। इस भंडारे में करीब 70 हजार भक्तों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें कई तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे। यह भंडारा इंदौर और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहेगा।
पितृ पर्वत पर भी हनुमान जन्मोत्सव का उल्लास
इंदौर के प्रसिद्ध पितृ पर्वत पर स्थित हनुमान मंदिर में भी हनुमान जन्मोत्सव का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मंदिर के महेश दलोदरा ने बताया कि गुरुवार सुबह 5 बजे से भगवान हनुमान का विशेष अभिषेक और पूजन मंत्रोच्चार के साथ किया गया। अभिषेक के बाद भगवान को परंपरागत रूप से दाल-टिक्कड़ का भोग लगाया गया, जो इस क्षेत्र की खास परंपरा है। इसके बाद फूलों से भगवान का सुंदर श्रृंगार किया गया। शाम 6 बजे भगवान की भव्य आरती होगी, जिसके बाद शानदार आतिशबाजी भी की जाएगी, जिससे पूरा आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से चमक उठेगा। पितृ पर्वत मंदिर समिति ने करीब 20 हजार भक्तों के लिए बड़े भंडारे की व्यवस्था भी की है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।

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