मोरगा चौकी प्रभारी ने धनी राम राठौर का जाना हाल, किया सम्मानित
कोरबा|मोरगा चौकी प्रभारी मंतगुराम मरकाम ने आज अपने कर्मचारियों के साथ मोरगा चौकी क्षेत्र के सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी धनी राम राठौर को उनके घर जाकर सम्मानित किया। उन्हें साल श्रीफल भेंट कर उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को सराहा गया। यह सम्मान धनी राम राठौर के परिवार और समाज के लिए भी गर्व का क्षण है धनी राम राठौर ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने अपनी सेवा के दौरान अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने कोरबा जिले के अलावा कई अन्य जिलों में भी सेवाएं दीं। धनी राम राठौर ने अपना पूरा समय थाना चौकियों में बिताया। उनकी सेवा के दौरान, उन्होंने कई अपराधों का सफलतापूर्वक खुलासा किया।उन्होंने अनेक लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी इस समर्पित सेवा को देखते हुए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनके परिवार और मित्रों ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। विभाग के अधिकारियों ने भी उनकी सेवा और समर्पण को हमेशा याद रखने की बात कही।सम्मान समारोह में धनी राम राठौर के परिवार और मित्रों ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्हें साल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। धनी राम ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व का क्षण है। यह उनकी उत्कृष्ट सेवा का प्रमाण है।जिले में कई ऐसे सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी हैं। संबंधित थाना चौकी प्रभारी उनके घर पहुंचकर उनका सम्मान कर हाल-चाल जान रहे हैं। इसका उद्देश्य उनका हौसला बुलंद रखना है। इसी तरह सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों का हाल-चाल जाना जा रहा है, जिससे उनके जीवन शैली पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

डिटॉक्स वाटर पीने से पहले जान लें इसके साइड इफेक्ट
दीपिका पादुकोण फिर बनने वाली हैं मां? मैटरनिटी लुक्स ने बढ़ाई हलचल
पहलगाम बरसी से पहले गरजी इंडियन आर्मी, पाकिस्तान को सख्त संदेश
BRTS हटने के बाद भी नहीं सुधरी इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था, हाई कोर्ट नाराज
खुशी से मातम में बदली कहानी, भोज के बाद लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा
हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करता है कच्चा प्याज
“पूरा बंगाल तैयार है बदलाव के लिए”, अमित शाह का बड़ा चुनावी दावा
तेज प्रताप का बड़ा दावा, RJD में टूट के संकेत, सियासी पारा चढ़ा
DRDO ने बनाया AI से लैस ‘प्रज्ञा’, गृह मंत्रालय को सौंपा सिस्टम
200 का लक्ष्य और गलत शॉट: "पिच 175 वाली थी, पर हमारी खराब रणनीति ने डुबोई लुटिया"— हेडन।