मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में उठा अवैध कॉलोनियों का मुद्दा
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अवैध कॉलोनियों को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ अब कठोर कार्रवाई होगी और इसके लिए तीन महीने के भीतर कड़ा कानून लाया जाएगा।
विकसित अवैध कॉलोनियां होगी वैध
मंत्री ने कहा कि वर्षों से बिना अनुमति प्लॉटिंग कर आम लोगों को फंसाने का खेल चल रहा है. कई लोग जीवनभर की कमाई लगाकर प्लॉट खरीदते हैं और बाद में पता चलता है कि कॉलोनी अवैध है, न सड़क है, न पानी, न सीवर की व्यवस्था है. ऐसे मामलों में अब सरकार सख्ती से निपटेगी. सीधी विधायक रीति पाठक के सवाल पर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि पहले से विकसित अवैध कॉलोनियों को वैध करने पर भी विचार किया जा रहा है. लेकिन जो कॉलोनियां नियमों के अनुरूप नहीं हैं और वैध नहीं की जा सकतीं, उनके संबंध में अलग नीति बनाकर निर्णय लिया जाएगा।
जर्जर पाइपलाइन का बीजेपी विधायक ने उठाया मुद्दा
प्रश्नकाल में सागर से बीजेपी विधायक शैलेंद्र जैन ने पाइपलाइन परियोजना को लेकर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि 395 किलोमीटर पाइपलाइन में 46 किलोमीटर पुरानी और जर्जर लाइन डाल दी गई है, जिससे भविष्य में बड़ी दुर्घटना की आशंका है. इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मूल प्रस्ताव 260 किलोमीटर का था, लेकिन 395 किलोमीटर लाइन डलवाई गई. जहां भी तकनीकी खामी पाई जाएगी, वहां नई लाइन डाली जाएगी. उन्होंने नगर निगमों को अधिक जिम्मेदार और सक्षम बनाने की बात कही तथा सुझाव दिया कि सांसद और विधायक निधि का भी उपयोग किया जाए. विभाग आधी राशि उपलब्ध कराएगा।
ठेकेदारों ने पानी की लाइन और सीवर एक साथ बिछाया
सदन में यह भी मुद्दा उठा कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन निर्माण कंपनी द्वारा सही ढंग से रीस्टोरेशन नहीं किया गया. मंत्री ने माना कि सड़कों की बहाली संतोषजनक नहीं है और इस पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि कई जगह पानी की लाइन और सीवर लाइन साथ डाली गई हैं. मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगे से दोनों लाइनें अलग-अलग डाली जाएं, ताकि प्रदूषण और दुर्घटना की आशंका खत्म हो सके।

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