T20 WC: मांजरेकर ने भारत के मुख्य कोच पर साधा निशाना, कहा- गंभीर के लिए हर मर्ज की एक दवा हैं 'वॉशिंगटन सुंदर'
टी20 विश्वकप 2026 में सुपर-8 राउंड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। इस हार से भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल का रास्ता मुश्किल हो गया है। उसे बाकी बचे दोनों मैचों में बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी। दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद कई पूर्व दिग्गज क्रिकेटर भारतीय प्लेइंग-11 पर सवाल उठा रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही है, वह है उपकप्तान अक्षर पटेल को बेंच पर बैठाकर वॉशिंगटन सुंदर को खिलाने की। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुंदर न तो गेंदबाजी में चले और न ही बल्लेबाजी में। अब इसको लेकर संजय मांजरेकर का बयान सामने आया है। उन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर पर निशाना साधा है।
मांजरेकर ने गंभीर पर तंज कसा
सुंदर को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केवल दो ओवर गेंदबाजी मिली और उन्होंने बिना विकेट लिए 17 रन खर्च किए। बल्ले से सुंदर सिर्फ 11 रन का योगदान दे सके। इसके बाद मांजरेकर ने गंभीर पर तंज कसते हुए स्पोर्ट्स नेक्स्ट पर बातचीत में कहा- कैलाश जीवन, इस नाम की एक दवा हुआ करती थी पहले। अगर आपको सिरदर्द है, तो आप उसे लगा सकते थे। अगर आपके पेट में दर्द है, तो आप उसे खा सकते थे। वह हर मर्ज की एक दवा थी। गौतम गंभीर के पास भी हर मर्ज की एक दवा है। सब उसका नाम जानते हैं- वॉशिंगटन सुंदर। बल्लेबाजी में कोई दिक्कत है तो सुंदर को ले आओ टीम में। गेंदबाजी में कोई समस्या है तो फिर वही सुंदर को ले आओ टीम में। सबका एक ही जवाब है। उन्हें बाकी बल्लेबाजों पर तरजीह दी गई। सुंदर पांचवें नंबर पर खेलने आए। दुबे छह पर, हार्दिक सात पर और रिंकू आठ पर। अब बहुत हो गया यह प्रयोग।'

फर्जी कंपनी विवाद पर घमासान, हजारिका ने खेड़ा को घेरा
फोन को लेकर अक्षय खन्ना की इस आदत ने चौंकाया
मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर छाए राघव चड्ढा
मतदान के बाद नारायणसामी का बयान, कहा- गठबंधन के लिए अनुकूल स्थिति
BJP MLA का गुस्सा: जल निगम स्टाफ को लगाई कड़ी फटकार, वीडियो वायरल
24 घंटे में बुझ रही जिंदगियां, सलूंबर में अज्ञात बीमारी ने मचाया हड़कंप
विधानसभा की वित्तीय समितियां गठित, पूरी सूची और जिम्मेदारियां सामने
दिल दहला देने वाली घटना: महिला और बच्चे की बेरहमी से हत्या
सोशल मीडिया विवाद में सोना मोहापात्रा ने दर्शकों पर उठाए सवाल
एक शिक्षक पढ़ा रहा कई विषय, व्यवस्था पर उठे सवाल