रेलवे बोर्ड का आदेश… रिजर्वेशन में पहचान पत्र नहीं दिखाया तो बेटिकट माना जाएगा
इंदौर। रेलवे (Railway) से यात्रा करने वाले यात्रियों (Passengers) के लिए पहचान सत्यापन को लेकर नियमों को एक बार फिर सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने सभी जोनल रेलवे के वाणिज्य विभाग को पत्र भेजकर कहा है कि आरक्षित टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों में से कम से कम एक व्यक्ति के पास मूल पहचान पत्र ( identity card) होना जरूरी है। जांच के दौरान पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने की श्रेणी में रखा जा सकता है।
रेलवे बोर्ड द्वारा 4 फरवरी 2026 को जारी आदेश में पहले से लागू दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि इन नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाए। बोर्ड ने टिकट जांच स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान पहचान सत्यापन की प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए। बताया जा रहा है कि इसका उद्देश्य गलत नाम और टिकट पर यात्रा को और एजेंटों द्वारा किसी भी नाम से टिकट बुक कर बाद में ज्यादा दाम पर दूसरे लोगों को बेचने को रोकना है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन यात्रियों ने विशेष श्रेणी या कोटा जैसे वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, छात्र या अन्य रियायती वर्ग के अंतर्गत टिकट बुक करवाया है, उन्हें अपनी पात्रता से संबंधित वैध दस्तावेज साथ रखने होंगे। अगर यात्री जांच के समय आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो उसे दी गई रियायत अमान्य मानी जाएगी और रेलवे नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीमावर्ती रेल मार्गों पर सतर्कता
रेलवे बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े रेल मार्गों पर अतिरिक्त निगरानी के निर्देश भी दिए हैं। भारत-नेपाल और भारत-बांग्लादेश जैसे रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की पहचान जांच को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है, ताकि नियमों का सख्ती से अनुपालन हो सके।
ध्यान रखने वाली बातें
आरक्षित टिकट पर सफर करते समय मूल फोटो पहचान पत्र जरूर साथ रखें।
समूह में यात्रा की स्थिति में कम से कम एक यात्री के पास पहचान पत्र अनिवार्य रूप से हो।
रियायती या विशेष कोटा पर टिकट होने पर पात्रता प्रमाण साथ रखना न भूलें।

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