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ED Action: भोपाल में 14 साल पुराने आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व स्वास्थ्य संचालक डॉ. अमरनाथ मित्तल (Ex-Health Director Amarnath Mittal) के पर बड़ी कार्रवाई की। ईडी के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने मित्तल और अलका मित्तल की 9.79 रुपए चल-अचल करोड़ की चाल चल कार्रवाई मनी लॉन्डिंग एक्ट में मामले में एफआइआर दर्ज की थी। ईडी ने इसी पर जांच की थी। ईडी को अवैध संपत्ति बनाने के कई दस्तावेज और तथ्य मिले। इसके बाद मित्तल व करीबियों शिकंजा कसा।
पूर्व स्वास्थ्य संचालक हुए थे करोड़ों के दवा घोटाले के आरोप
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर पहले भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। बहुचर्चित 7 करोड़ के दवा घोटाले में पूर्व स्वास्थ्य संचालक डॉ. योगीराज शर्मा पर आरोप तय हुए थे। सितंबर 2007 में आयकर विभाग ने योगीराज के ठिकानों पर छापेमारी की। करोड़ों की बेनामी संपत्ति, नकदी और गहनों का पता चला था। तब राज्य सरकार ने उन्हें सस्पेंड किया था। उस समय उनकी पहचान 'नोटों के गद्दे पर सोने वाले अधिकारी' के रूप में सुर्खियों में आई थी। बाद में डॉ. शर्मा ने बर्खास्तगी को हाईकोर्ट में चुनौती दी। 2014-15 के दौरान कोर्ट ने तकनीकी आधार पर बर्खास्तगी रद्द कर दी। लेकिन भ्रष्टाचार के मामले जारी रहे।
आय 60 लाख और खर्च 2.98 करोड़ रुपए
ईडी की जांच में पता चला, डॉ. मित्तल की आय 60 लाख रुपए थी। लेकिन 2.98 करोड़ रुपए खर्च किए। ₹2.38 करोड़ को अनुपातहीन संपत्ति माना। मित्तल पर आरोप है, अवैध संपत्ति को वैध करने, छिपाने के लिए पत्नी व करीबियों के नाम पैसे संपत्तिया कराई।
- पूर्व स्वास्थ्य संचालक डॉ. अमरनाथ मित्तल का अवैध साम्राज्य भोपाल और आसपास के जिलों में भी फैला था।
- लोकायुक्त जांच में सैकड़ों एकड़ भूमि के दस्तावेज मिले थे।
- ईडी ने मित्तल, उनकी पत्नी की भोपाल व रायसेन जिले में आवासीय/कृषि भूमि सहित पूंजीगत बांड को भी अटैच किया।

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