झारखंड में शीतलहर का रेड अलर्ट, माइनस तापमान के बीच बेतला में क्यों जुट रही है हजारों की भीड़
झारखंड में Cold Wave का असर लगातार गंभीर होता जा रहा है। राजधानी रांची से सटे मैक्लुस्कीगंज में ठंड इस कदर बढ़ गई है कि खेतों और खुले इलाकों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं। शुक्रवार से रविवार तक यह क्षेत्र बर्फीली हवाओं की चपेट में रहा। रविवार को यहां का न्यूनतम तापमान माइनस 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी का अब तक का सबसे ठंडा दिन माना जा रहा है।
सुबह और शाम के समय शीतलहरी के कारण ठंड इतनी तीखी हो जाती है कि लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। हालांकि रविवार को दिनभर खिली धूप से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली।
खेतों में जमी ओस, कारोबार पर भी असर
मैक्लुस्कीगंज के जोभिया, चीनाटांड़, लपरा विकास नगर और कारीटांड़ इलाकों में सुबह खेतों और खलिहानों में जमी ओस ने लोगों को हिमालयी क्षेत्रों जैसा नजारा दिखाया।
Cold Wave का असर स्थानीय कारोबार पर भी साफ नजर आ रहा है। खाने-पीने की दुकानों को छोड़कर अधिकांश दुकानें शाम होते ही बंद हो जा रही हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है।
बेतला और पीटीआर में सैलानियों की रौनक
लातेहार जिले के बेतला और पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) क्षेत्र में न्यूनतम तापमान चार से पांच डिग्री के बीच बना हुआ है। इसके बावजूद यहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ठंडी हवाओं और हल्की धूप के बीच लोग जंगल सफारी, किला और झरनों का आनंद ले रहे हैं। स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि Cold Wave के दौरान बेतला की प्राकृतिक खूबसूरती और निखर जाती है।
कांके से राजधानी तक ठंड से ठप जनजीवन
राजधानी से सटे कांके इलाके में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक गिर रहा है। सुबह और देर शाम सड़कों पर सन्नाटा रहता है और शाम आठ बजे तक अधिकांश दुकानें बंद हो जा रही हैं। ग्रामीण इलाकों में स्कूल बंद रहने से बच्चों की चहल-पहल भी गायब है।
मौसम विभाग ने राज्यभर में Jharkhand Cold Wave को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। अगले तीन दिनों में तापमान में तीन डिग्री तक और गिरावट की संभावना जताई गई है। रांची का पारा छह डिग्री या उससे नीचे जा सकता है।

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