बिहार को बड़ी सौगात: 17 जनवरी से पटरी पर दौड़ेंगी पांच नई अमृत भारत ट्रेनें
पटना। बिहार के रेल यात्रियों के लिए खुश कर देने वाली खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 17 जनवरी को देश की पांच नई अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये सभी ट्रेनें बिहार के विभिन्न रेल खंडों और स्टेशनों से होकर गुजरेंगी, जिससे राज्य के यात्रियों को लंबी दूरी के सफर में आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। हालांकि इन ट्रेनों के परिचालन की घोषणा कर दी गई है और बिहार में इनके ठहराव (स्टॉपेज) भी तय कर दिए गए हैं, लेकिन विस्तृत समय-सारणी जल्द ही जारी की जाएगी।
इन नई सेवाओं में बनारस और सियालदह के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 22588/22587 प्रमुख है, जिसका ठहराव पटना जंक्शन पर भी दिया गया है। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन बनारस से और तीन दिन सियालदह से संचालित होगी। इसी तरह, हावड़ा से आनंद विहार के बीच साप्ताहिक गाड़ी संख्या 13065/13066 चलेगी, जो बिहार के भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी ऑन सोन, अनुग्रह नारायण रोड और गया स्टेशनों पर रुकेगी। इससे दक्षिण बिहार के यात्रियों को दिल्ली की ओर जाने के लिए एक और किफायती और आधुनिक विकल्प मिलेगा।
पूर्व और पश्चिम भारत को जोड़ने के लिए पनवेल (मुंबई) और अलीपुरद्वार (पश्चिम बंगाल) के बीच साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस (11031/11032) शुरू की जा रही है। इसका रूट बिहार के एक बड़े हिस्से को कवर करेगा, जिसमें बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और कटिहार जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा, डिब्रूगढ़ से गोमती नगर (15949/15950) और कामाख्या से रोहतक (15671/15672) के बीच भी साप्ताहिक ट्रेनें शुरू होंगी। ये ट्रेनें उत्तर बिहार के कटिहार, खगड़िया, बेगूसराय, बरौनी, सोनपुर और छपरा जैसे स्टेशनों पर रुकते हुए असम और उत्तर प्रदेश-हरियाणा के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेंगी।
वर्तमान में बिहार में पहले से ही 10 अमृत भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिनमें दरभंगा-आनंद विहार, सहरसा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस और राजेंद्रनगर-नई दिल्ली जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। नई ट्रेनों के जुड़ने के बाद राज्य में इन आधुनिक ट्रेनों का जाल और मजबूत हो जाएगा। अमृत भारत एक्सप्रेस अपनी विशेष केसरिया रंग की बनावट, पुश-पुल तकनीक और यात्रियों के लिए उन्नत सुविधाओं के कारण काफी लोकप्रिय हो रही हैं।

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