मध्य प्रदेश के दो भाइयों ने उत्तराखंड में उठाया खौफनाक कदम, एक भाई की मौत, दूसरे की हालत गंभीर
हल्द्वानी (उत्तराखंड): मध्य प्रदेश के दो भाइयों ने नैनीताल जिले के काठगोदाम थाना क्षेत्र में स्थित जंगल में आत्महत्या करने का प्रयास किया है. जिसमें बड़े भाई की मौत हो गई. जबकि, छोटे भाई की हालत नाजुक बनी हुई है. जिसका सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में उपचार चल रहा है. बताया जा रहा कि उनके माता-पिता का भी देहांत हो चुका है.
एक भाई की मौत तो दूसरा अस्पताल में भर्ती: दरअसल, नैनीताल के काठगोदाम थाना क्षेत्र स्थित जंगल में दो भाइयों की ओर से आत्महत्या करने का प्रयास का मामला सामने आया है. हादसे में बड़े भाई की मौत हो गई. जबकि, छोटा भाई हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है.
सड़क किनारे बेसुध पड़े मिले दोनों भाई: पुलिस के मुताबिक, गुरुवार यानी 30 अक्टूबर की सुबह काठगोदाम थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि बलूटी रोड स्थित जंगल के पास दो युवक बेसुध अवस्था में सड़क किनारे पड़े हुए हैं. सूचना मिलते ही आनन-फानन में पुलिस मौके पर पहुंची.
इसके बाद पुलिस की टीम ने तत्काल दोनों को आपातकालीन सेवा 108 के माध्यम से उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भिजवाया. जहां पर डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया. जबकि, दूसरा युवक जिंदगी की जंग लड़ रहा है.
मध्य प्रदेश के रीवा में है घर: वहीं, दोनों भाइयों की कॉल डिटेल और सीडीआर से जानकारी करने पर पता चला कि दोनों सगे भाई थे. जिनका नाम शिवेश मिश्रा और बृजेश मिश्रा है. जो मध्य प्रदेश के रीवा के रहने वाले हैं. जिसमें बड़े भाई शिवेश मिश्रा की मौत हो गई है.
दोनों भाई संभवतः नैनीताल घूमने आए हुए थे. जो सुबह के समय बलूटी रोड स्थित जंगल के पास सड़क किनारे बेसुध हालत में मजदूरों को पड़े हुए दिखाई दिए. वहीं, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेज दिया है. साथ ही घटना की जानकारी परिजनों को दे दी है.
"काठगोदाम थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक बेसुध हालत में सड़क किनारे पड़े हुए हैं. इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल भिजवाया. जहां डॉक्टरों ने शिवेश मिश्रा को मृत घोषित कर दिया. जबकि, छोटे भाई की हालत नाजुक बनी हुई है. दोनों सगे भाई थे, जो मध्य प्रदेश के रीवा के रहने वाले थे. युवकों के मामा को घटना की जानकारी दे दी गई है. परिजनों के आने के बाद ही असल कारणों की जानकारी हो पाएगी."- मनोज कत्याल, एसपी सिटी

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