SIR के बाद 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ेंगे मतदान केंद्र, छोटी होंगी वोटिंग की कतारें
नई दिल्ली। देशभर में मतदान केंद्रों (Polling Stations) पर लंबी कतारों को कम करने के लिए चुनाव आयोग (Election Commission) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने कहा है कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Review) अभियान के बाद मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस व्यवस्था के बाद मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हुए कतारों में कम समय बिताना पड़ेगा।
बिहार इस अभियान को पूरा करने वाला पहला राज्य बन गया है, जहां अब हर पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम 1,200 मतदाता होंगे। पहले यह संख्या 1,500 थी। इस बदलाव से राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 77,895 से बढ़कर 90,712 हो गई है। 4 नवंबर से शुरू होने वाले एसआईआर अभियान के तहत जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया चलेगी, वे हैं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से एसआईआर प्रक्रिया शुरू होगी, उनके मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुसार नए मतदान केंद्र ऊंची इमारतों, रिहायशी कॉलोनियों और झुग्गी बस्तियों में स्थापित किए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी नए मतदान केंद्र स्थापित करने के संबंध में राजनीतिक दलों से परामर्श करेंगे।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि एक ही मतदान केंद्र पर एक ही परिवार के सभी सदस्यों को रखने का विशेष ध्यान रखा जाए। चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि जहां तक संभव हो, मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचने के लिए 2 किमी से अधिक की यात्रा न करनी पड़े। हाल के चुनावों में मतदाताओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ऊंची इमारतों और सोसाइटियों में मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे।

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