मऊ में करंट से ज्यादा करंट-शॉक! ऊर्जा मंत्री के जिले में बिजली संकट पर जनता ने चंदा जुटाकर खुद कराया सुधार
मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के सहादतपुरा नई बस्ती में पिछले 12 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से स्थानीय निवासियों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। बिजली के अभाव में पानी की आपूर्ति बाधित होने से लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस गए। बच्चों के बिलखने और लोगों की परेशानी के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की।
ऊर्जा मंत्री के दावों पर सवाल
प्रदेश के ऊर्जा और नगर विकास मंत्री एके शर्मा के गृह जनपद मऊ में बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही ने उनके दावों को खोखला साबित कर दिया। मंत्री ने निर्बाध बिजली आपूर्ति और त्वरित शिकायत निवारण का वादा किया था, लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने हीलाहवाली की।
लोगों ने चंदा इकट्ठा कर कराई बिजली ठीक
पानी की किल्लत से त्रस्त लोगों ने आखिरकार हार मानकर अपने स्तर पर समाधान निकाला। क्षेत्रवासियों ने चंदा इकट्ठा कर एक निजी लाइनमैन को बुलाया, जिसने बिजली की आपूर्ति बहाल की। इसके बाद ही लोगों को पानी की सुविधा मिल सकी। इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जनता में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के निरंकुश रवैये को लेकर गहरा आक्रोश है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ऊर्जा मंत्री के अपने गृह जनपद में ही अधिकारी इतने लापरवाह हैं, तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि इन अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी और ऊर्जा मंत्रालय इस लापरवाही को लेकर क्या कदम उठाएगा। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि बिजली विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अब सभी की निगाहें ऊर्जा मंत्रालय पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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