हाईकोर्ट जॉब स्कैम: रांची में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश
रांची : झारखंड की राजधानी रांची में हाईकोर्ट में सहायक की नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. लोअर बाजार थाना क्षेत्र के थड़पखना के रहने वाले बाप-बेटे की जोड़ी ने ऊंची पहुंच और बड़े अधिकारियों से पहचान का झांसा देकर युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच दिया और उनसे एक करोड़ से ज्यादा रुपए ठग लिए.
पुलिस के अनुसार आरोपी राजकुमार और उनका बेटा परमित राज लंबे समय से भोले-भाले युवाओं को यह कहकर फंसा रहे थे कि उनकी पहुंच ऊपर तक है और वे चाहें तो आसानी से हाईकोर्ट में सहायक पद पर नौकरी दिला सकते हैं. इसी बहाने उन्होंने आधा दर्जन से अधिक युवाओं से बड़ी रकम ऐंठी. शुरुआत में आरोपी पिता-पुत्र युवाओं को तरह-तरह के बहाने देकर आश्वस्त करते रहे, लेकिन समय बीतने के बावजूद किसी को नौकरी नहीं मिली. जब पीड़ित युवाओं ने अपने पैसे की वापसी की मांग की तो दोनों बाप-बेटे फरार हो गए.
पीड़ित युवाओं ने मजबूर होकर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दोनों आरोपी गुपचुप तरीके से रांची वापस लौटे हैं और अपने ही घर में छुपकर रह रहे हैं. ठगी के शिकार युवाओं ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घर को घेर लिया. मौके पर पहुंची लोअर बाजार थाना पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इस मामले में तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने सिर्फ एक-दो नहीं बल्कि कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर भारी रकम वसूली थी. कुल मिलाकर ठगी की रकम एक करोड़ से अधिक बताई जा रही है. यह पहला मौका नहीं है जब राजधानी रांची में नौकरी और ऊंची पहुंच का झांसा देकर ठगी का मामला सामने आया हो. इससे पहले इसी साल बरियातू इलाके से एक शातिर महिला उषा बरला को गिरफ्तार किया गया था. उसने खुद को रिम्स का डॉक्टर बताकर कई लोगों से लाखों रुपए वसूले थे. कोई उससे नौकरी की उम्मीद लेकर पहुंचा तो किसी ने फ्लैट या अन्य सरकारी सुविधा दिलाने की चाह में पैसा दिया.
उषा के खिलाफ कई थानों में केस दर्ज
उषा बरला के खिलाफ नगड़ी, बरियातू, धुर्वा और नामकुम थाना में अलग-अलग शिकायतें दर्ज थीं. कई महीनों की मेहनत और तकनीकी संसाधनों की मदद से पुलिस ने जून महीने में उसे गिरफ्तार किया था. रांची पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. नौकरी या किसी भी सुविधा के नाम पर पैसों की मांग करने वालों की तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए.

वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर
3147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरु
वर्षा जल संरक्षण में प्रदेश का जनजातीय जिला डिंडोरी देश में प्रथम स्थान पर