मुंबई में मूसलाधार बारिश से झूमी तुलसी झील, ओवरफ्लो की खुशखबरी
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बारिश के लौटने झीलें पानी से भर गई हैं। एक अनुमान के अनुसार मुंबई की झीलें 90.68 प्रतिशत तक भर गई हैं। ऐसा पिछले तीन दिनों में अच्छी बारिश होने से हुआ है। इसके बाद अब मुंबई की पानी की टेंशन खत्म होते हुए दिख रही है क्योंकि मौसम विभाग (IMD) ने आगे भी भारी बारिश का अनुमान दिया है। ताजा अपडेट में बताया गया है कि मुंबई को जलापूर्ति करने वाली 7 झीलों में पर्याप्त जल भंडारण हो गया है। बारिश इसी तरह होती रही तो शेष बची झीलें भी लबालब होकर छलकने लगेंगी।
तुलसी झील हुई ओवरफ्लो
तुलसी झील शनिवार शाम से पूरी तरह भरकर बहने लगी है। इससे पहले मध्य वैतरणा, मोडक सागर और तानसा झील में ओवरफ्लो हुई थी। तुलसी झील की अधिकतम जल संग्रहण क्षमता 804.60 करोड़ लीटर (8,046 मिलियन लीटर) है। अब अपर वैतरणा, भातसा और विहार झील ही भरना शेष रह गई है। यह तीनों झीलें भी जल्द भरने की कगार पर हैं। अपर वैतरणा में 86.48 प्रतिशत, भातसा में 89.23 प्रतिशत और विहार झील 89.92 फीसदी पानी भर चुका है। बीएमसी प्रशासन ने मौसम विभाग के हवाले से अनुमान जताया है कि बारिश इसी तरह जारी रही, तो जल्द सभी झीलें ओवरफ्लों हो जाएंगी। इससे मुंबई वासियों के साल भर के पानी की व्यवस्था हो जाएगी। बीच में बादलों के रूठने से यह चिंता खड़ी हो गई थी कि मुंबई की प्लास बुझाने वाली झीलें कब भरेंगी?
कहां पर है तुलसी झील?
तुलसी झील उत्तरी मुंबई में स्थित एक मीठे पानी की झील है। यह मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी झील है। यह मुंबई की प्यास बुझाने में बड़ी भूमिका अदा करती है। तुलसी साल्सेट द्वीप की तीन झीलों में से एक है। अन्य दो पवई झील और विहार झील हैं। तुलसी और विहार दोनों झीलें घने जंगलों वाले संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित हैं, जिसे बोरीवली राष्ट्रीय उद्यान भी कहा जाता है। यह झील सड़क मार्ग से मुंबई से 32 किमी उत्तर में स्थित है। यह झील संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के अंदर स्थित है, इसलिए झील में आम लोगों का प्रवेश संभव नहीं है। यही वजह है कि यह झील ज्यादा प्रदूषण का शिकार भी नहीं है।

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