नेता से किसान बने शिवराज सिंह, खेतों में उगा रहे शिमला मिर्च की खास फसल
विदिशा: पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में शिमला मिर्च की वैरायटी लगाई. उन्होंने बताया, ''खेती में मेहनत का आनंद ही कुछ और है. मुझे जब भी अवसर मिलता है, मैं अपने खेत में जाकर काम करता हूं. कृषि में विविधीकरण समय की मांग है. पहले यहां धान की खेती होती थी, लेकिन इस बार मैंने प्रयोग करते हुए शिमला मिर्च लगाई है, नए अनुभव से नई संभावनाएं जुड़ी हैं. आज अपने खेत में शिमला मिर्च लगाई. खेत में काम करते हुए हमेशा यह अहसास होता है कि किसान भाई कितनी मेहनत और लगन से अन्न उपजाते हैं.''
शिवराज सिंह ने देखी खरपतवार से बर्बाद हुई फसलें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को अचानक विदिशा जिले के ग्राम छीरखेड़ा पहुंचे. जहां उन्होंने किसानों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं. मंत्री चौहान ने बताया कि, ''उन्हें शिकायत मिली थी कि खरपतवार नाशक दवा के कारण किसानों की सोयाबीन की फसल नष्ट हो गई है. मैंने तय किया कि स्वयं निरीक्षण करूंगा. यहां मैंने देखा कि खेत में सोयाबीन की जगह खरपतवार है. एक उच्चस्तरीय वैज्ञानिकों का दल खेतों की जांच करेगा. कंपनी के खिलाफ विधि सम्मत सख्त कार्रवाई करेंगे.''
किसानों को पूरा न्याय दिलाया जाएगा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ''जहां सोयाबीन की फसल होनी चाहिए थी, वहां पूरा खेत खरपतवार से भर गया है. किसानों की मेहनत और जीवन दोनों इसी फसल पर टिका है. यदि फसल नष्ट हो जाएगी तो किसान जीवन यापन कैसे करेंगे? किसान की फसल उसका जीवन है. इसलिए किसान को राहत मिले, इसकी व्यवस्था करेंगे. किसानों को पूरा न्याय दिलाया जाएगा.'' उन्होंने साफ कहा कि, ''इस मामले की जांच उच्च स्तरीय वैज्ञानिक दल से कराई जाएगी और यदि खरपतवार नाशक दवा में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.''
नकली कीटनाशक और खाद के खिलाफ चलेगा अभियान
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि, ''मैं देशभर के किसानों से कहना चाहता हूं कि अगर कहीं दवाई डालने से फसल खराब हुई है तो आप मेरे पास शिकायत भेजें. हम जांच करेंगे और संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई भी होगी. हम नकली कीटनाशकों और खाद के खिलाफ पूरे देश में अभियान चलाएंगे. एक टोल फ्री नंबर भी जारी करेंगे. किसानों को लूटने का धंधा हम चलने नहीं देंगे. हम नया कानून भी बनाएंगे.''
शिवराज सिंह का पर्यावरण प्रेम जगजाहिर
बता दें कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हमेशा से खेती-किसानी और हरियाली के प्रति गहरी लगाव रखते हैं. वे खुद को किसान का बेटा बताते हैं और जमीन से जुड़े नेता हैं. खेती को उन्होंने न सिर्फ आजीविका बल्कि अपनी पहचान भी माना है. पेड़ों और पर्यावरण के लिए उनका प्रेम जगजाहिर है. उन्होंने 'पौधारोपण अभियान' और 'नर्मदा सेवा यात्रा' जैसे कार्यक्रमों से लाखों पौधे लगवाए हैं. उनका मानना है कि खेती और पेड़ ही जीवन की असली ताकत हैं, इसलिए वे किसानों और प्रकृति दोनों को बचाने के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं.

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