संताली संस्कृति की झलक, पूरे विधि-विधान से किया गया अंतिम संस्कार का दशकर्म
रांचीः झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन का 4 अगस्त को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद, शुक्रवार 15 अगस्त को उनके पैतृक आवास नेमरा में दशकर्म की परंपरा निभाई गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता के दशकर्म पर परंपरा के अनुसार बाल और दाढ़ी का मुंडन कराया.।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हेमंत सोरेन अब तक अपने पिता के श्राद्धकर्म से जुड़े कर्म निभाते रहे हैं।
संताली रीति-रिवाज से दशकर्म की परंपरा मुंडन
शिबू सोरेन के निधन के बाद उनके परिवार में शोक का माहौल है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके दोनों बेटे और भाई बसंत सोरेन समेत परिवार के पुरुष सदस्यों ने संताली रीति-रिवाज से दशकर्म की परंपरा के अनुसार बाल और दाढ़ी का मुंडन कराया। परिवार की महिलाओं ने नाखून काटकर दशकर्म की परंपरा पूरी की। बताया गया है कि दशकर्म एक हिंदू परंपरा है। यह किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद किया जाता है। इसमें मृतक के परिवार के सदस्य बाल और दाढ़ी का मुंडन कराते हैं। वे नाखून भी काटते हैं। यह मृतक के प्रति सम्मान और शोक व्यक्त करने का एक तरीका है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस पर पैतृक गांव नेमरा में किया ध्वजारोहण
संस्कार भोज में दो लाख लोगों को आमंत्रण
शनिवार 16 अगस्त को शिबू सोरेन का श्राद्ध-कर्म का संस्कार भोज होना है। इस संस्कार भोज में शामिल होने के लिए करीब दो लाख लोगों को आमंत्रण भेजा गया है। शनिवार को देश के बड़े-बड़े राजनीतिक एवं नामचीन शख्सिसयत नेमरा पहुंचेंगे, इसके लिए सुरक्षा के खास इंतजाम किये गए है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, बाबा रामदेव समेत कई बड़े शख्सियत शिबू सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होंगे।

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