7 महीने में तीसरी बार पैरोल पर बाहर आए राम रहीम, सख्त सुरक्षा के बीच सिरसा रवाना
रोहतक : बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गए हैं। उन्हें हरियाणा की रोहतक जेल से पैरोल पर रिहा किया गया है। खास बात है कि इस साल के 8 महीने के अंदर वह तीसरी बार जेल से बाहर आए हैं। खास बात है कि पहले मिली फरलो और पैरोल में उसे सिरसा आने की इजाजत नहीं थी। इस बार पैरोल पर वह डेरा के सिरसा आश्रम में ही रहेगा। बाबा राम रहीम 2017 में सजा मिलने के बाद से 14वीं बार रिहा हुए हैं। पिछली बार राम रहीम को पैरोल सिर्फ तीन महीने पहले मिली थी। इस बार हरियाणा सरकार ने उन्हें 40 दिनों की पैरोल दी है।
बर्थडे मनाने आया बाहर!
कहा जा रहा है कि राम रहीम की यह रिहाई उनके जन्मदिन को लेकर दी गई है। 15 अगस्त को उनका जन्मदिन है। इससे पहले भी वह अपने जन्मदिन पर जेल से बाहर ही थे। उन्होंने हनीप्रीत सिंह के साथ केक काटा था। उसके वीडियो और तस्वीरें भी वायरल हुए थे।
सुनारिया जेल में काट रहे सजा
राम रहीम को तीन महीने पहले अप्रैल में 21 दिनों की फरलो मिली थी। उससे पहले जनवरी में 30 दिनों की पैरोल वह वह जेल से बाहर आए थे। गुरमीत राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है।
पहली बार सिरसा आश्रम में रहने की मिली अनुमति
सुनारिया जेल से 40 दिन की पैरोल पर बाहर आया राम रहीम अपने सिरसा डेरा में रहेगा। वह जनवरी से इस बार तीसरी बार जेल से बाहर आए हैं। इससे पहले डेरा प्रमुख को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित शाह सतनाम आश्रम, बरनावा में रहने की इजाजत दी जाती थी। उन्हें सिरसा जाने की अनुमति नहीं थी। यह पहली बार है जब सजायाफ्ता राम रहीम को सिरसा के डेरा सच्चा सौदा आश्रम में रहने की अनुमति मिली है।
2017 और 19 में हुई थी सजा
राम रहीम को अगस्त 2017 में दो महिला अनुयायियों के साथ रेप के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इस सजा के बाद पंचकूला और सिरसा में भयंकर हिंसा हुई थी। इस हिंसा में 40 के आसपास लोग मारे गए थे। 2019 में पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई थी। हालांकि, राम रहीम की पैरोल पर लगातार आपत्तियां उठती रही हैं। पत्रकार रामचंद्र के बेटे अंशुल छत्रपति हर बार उनकी रिहाई पर विरोध जताते आए हैं। इससे पहले, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राम रहीम को अपनी गोद ली हुई बेटियों की शादी में शामिल होने के लिए पैरोल देने से इनकार कर दिया था।

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