राहुल गांधी के दावों पर रोहन जेटली की दो टूक.........बिल 2020 में आया पिता की मौत 2019 में हुई
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के दावों पर कि दिवंगत पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था, डीडीसीए प्रमुख और उनके सुपुत्र रोहन जेटली ने कांग्रेस नेता को दृढ़ता से जवाब दिया। उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाया कि उनके पिता का निधन इन कानूनों के लागू होने से पहले ही हो गया था। रोहन जेटली ने लिखा, राहुल गांधी अब दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था। मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था। कृषि कानून 2020 में लागू हुए थे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके पिता का स्वभाव किसी को भी विरोधी विचारों के लिए धमकाने का नहीं था। रोहन जेटली ने कहा, इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता के स्वभाव में किसी को भी विरोधी विचार के लिए धमकाना नहीं था। वह एक कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे और हमेशा आम सहमति बनाने में विश्वास रखते थे।
उन्होंने कहा कि पिता अरुण जेटली हमेशा खुले और स्वतंत्र विचारों के समर्थक थे और परस्पर स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए चर्चा को महत्व देते थे। रोहन ने राहुल गांधी से उन लोगों के बारे में बोलते समय सचेत रहने का आग्रह किया जो अब हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने मनोहर पर्रिकर के साथ भी इसी तरह की घटना का उल्लेख किया, इस घटना को भी उन्होंने घटिया बताया। इसके पहले दिन में, राहुल गांधी ने दावा किया था कि जब वे कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहे थे, तब अरुण जेटली को उन्हें धमकाने के लिए भेजा गया था।

राशिफल 15 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
बिलासपुर से अयोध्या धाम के लिए स्पेशल ट्रेन रवाना, 850 तीर्थ यात्रियों को मिलेगा काशी-विश्वनाथ दर्शन का अवसर
उत्कृष्ट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से रोशन हो रहा प्रदेश का भविष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
धमतरी में ‘STREE’ परियोजना का शुभारंभ: 300 ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा आत्मनिर्भरता का नया रास्ता
केरल के मुख्य सचिव डॉ. ए. जयतिलक का छत्तीसगढ़ दौरा
प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मंत्री शुक्ला
किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कटे होंठ से टूटी हिम्मत तक… एक ऑपरेशन और बदल गई जिंदगी
दशकों के अंधेरे से उजियारे में आया गारपा, नियद नेल्लानार योजना से पहली बार घर-घर पहुँची बिजली