टीटीडी ने तिरुमाला में रील बनाकर अपलोड करने वालों के खिलाफ श्रद्धालुओं को चेतावनी दी
तिरुमाला: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने तिरुमाला में श्रीवारी मंदिर और माडा स्ट्रीट के आसपास सोशल मीडिया पर रील बनाने और अपलोड करने के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है. ट्रस्ट प्रबंधन ने कहाकि आपत्तिजनक फोटो वीडियों को लेकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
मंदिर निकाय ने कहा कि इस तरह की हरकतें आध्यात्मिक माहौल को बिगाड़ती हैं. साथ ही श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है. गौर करें तो मंदिर में भगवान का दर्शन करने वाले यहां तरह-तरह के रील बनाकर सोशल साइट्स पर अपलोड कर रहे हैं. इसकी वजह से भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं.
गुरुवार को जारी एक बयान में टीटीडी ने कहा कि उसने कई लोगों को वीडियो बनाते और उन्हें रील के रूप में ऑनलाइन शेयर करते देखा है. बयान में कहा गया है, "तिरुमाला जैसे पवित्र स्थान पर ऐसा व्यवहार अनुचित है."
इसमें आगे कहा गया है, "श्रद्धालुओं से अपेक्षा की जाती है कि वे मंदिर की पवित्रता बनाए रखें और दर्शन के लिए आने वाले साथी तीर्थयात्रियों की भावनाओं का सम्मान करें. इसका उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा."
टीटीडी ने यह भी घोषणा की कि उसके सतर्कता और सुरक्षा कर्मी ऐसी गतिविधियों पर सक्रिय रूप से नजर रख रहे हैं. साथ ही अपराधियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई के लिए जोर लगाएंगे.
गौर करें तो तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम मंदिर दुनिया के सबसे धनाढ्य मंदिर है. यह मंदिर करीब हर साल 500 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बैंक में जमा करता है. तिरुमाला मंदिर ट्रस्ट ने अकेले 2024 में ही 1161 करोड़ रुपए की एफडी कराई थी. बता दें कि ट्रस्ट के बैंक एकाउंट में कुल 13287 करोड़ रुपये की एफडी जमा है. साथ ही यह अब तक की सबसे ज्यादा रकम वाली एफडी है.
इस पवित्र मंदिर का निर्माण राजा तोंडमान ने कराया था. यह टेंपल आंध्र प्रदेश के सेशाचलम पर्वत पर स्थित है. इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 11वीं सदी में रामानुजाचार्य ने की थी.
गौर करें तो आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में स्थित तिरुमाला मंदिर के सामने वीडियो बनाने का सिलसिला थम नहीं रहा है. कुछ शरारती तत्व मंदिर परिसर में वीडियो बैन होने के बावजूद धड़ल्ले से वीडियो बना रहे हैं. साथ ही रील बनाकर सोशल मीडिया पर फैला दे रहे हैं. रील बनाने वालों की इस हरकत से आजित आकर टीटीडी ने कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है. टीटीडी का कहना है कि प्रशासन मंदिर की पवित्रता कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

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