बिहार में 2003 के बाद फिर होगा सबसे बड़ा मतदाता सूची सुधार
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद वोटर लिस्ट में कई अहम सुधार करना है।
बिहार में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने है। इसके लिए राज्य में सियासी गर्माहट अपने चरम पर है। कारण है कि सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी पहले से अधिक तेज कर दी है। इसी बीच भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने इस प्रक्रिया के लिए तय दिशा-निर्देशों और कार्यक्रम के अनुसार काम करने को कहा है। चुनाव आयोग की तरफ से इस विशेष पुनरीक्षण का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी योग्य नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) में शामिल हों ताकि वे चुनाव में मतदान कर सकें। वहीं कोई भी अपात्र व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल न हो इसके साथ-साथ मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।
2003 के बाद हो रहा गहन पुनरीक्षण
बता दें कि बिहार में आखिरी बार ऐसा गहन पुनरीक्षण वर्ष 2003 में किया गया था। अब लगभग दो दशक बाद फिर से यह अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग का मानना है कि इससे राज्य में स्वच्छ और सटीक वोटर लिस्ट तैयार होगी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी और हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार मिलेगा।

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