इज़राइल-ईरान युद्ध पर भारत का रुख स्पष्ट, विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
इजराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। पिछले 24 घंटे में इजराइल की एयरस्ट्राइक में ईरान के 138 लोग मारे गए। ईरान की ओर से मिसाइलों और ड्रोन से अटैक किए जा रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि इजराइल-ईरान युद्ध में भारत किसके साथ रहेगा? इसे लेकर विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) ने इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में हुए घटनाक्रम पर एक बयान जारी किया है। इस मामले पर भारत की अपनी स्थिति 13 जून 2025 को हमारे द्वारा स्पष्ट की गई थी और यह वही है। हम आग्रह करते हैं कि तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति के माध्यमों का उपयोग किया जाना चाहिए और यह आवश्यक है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उस दिशा में प्रयास करे।
भारत के विदेश मंत्री ने ईरानी समकक्ष से की बात
विदेश मंत्री ने भी शुक्रवार को अपने ईरानी समकक्ष के साथ इस मामले पर चर्चा की और घटनाओं के इस मोड़ पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की गहरी चिंता से अवगत कराया। उन्होंने किसी भी तरह के आक्रामक कदम से बचने और कूटनीति की ओर जल्द लौटने का भी आग्रह किया। भारत की समग्र स्थिति को अन्य SCO सदस्यों को सूचित किया गया था। भारत ने इसे ध्यान में रखते हुए उपर्युक्त एससीओ बयान पर चर्चा में भाग नहीं लिया।
युद्ध के पक्ष में नहीं है भारत
इजराइल और ईरान युद्ध के पक्ष में भारत नहीं है। वह सिर्फ शांति चाहता है। इसे लेकर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से वार्ता की। इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम नरेंद्र मोदी से बात की थी। ऐसे में भारत ने दोनों देशों से संयम बरतने का आग्रह किया है।

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