अहिल्या वाहिनी महिला बाइक रैली, नारी सशक्तिकरण का प्रतीक है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के पावन अवसर पर निकाली जा रही अहिल्या वाहिनी महिला बाइक रैली महिला सशक्तिकऱण का प्रतीक है। यह रैली, समृद्ध भारतीय संस्कृति में विद्यमान नारी सम्मान और महिला की सशक्त छवि की अभिव्यक्ति भी है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर हर काल में सुशासन की प्रतीक रही है। जब विदेशी आक्रांता दिल्ली से बैठकर भारत पर शासन कर रहे थे, तब लोकमाता ने महिला सशक्तिकरण की अद्भुत मिसाल पेश की। रानी दुर्गावती, वीरांगना लक्ष्मीबाई और रानी अवंती बाई ने भी नारी सम्मान को ऊंचाई दी। रानी अहिल्याबाई एक आदर्श बहू, आदर्श मां, आदर्श पत्नी और महान शासिका थीं। उन्होंने अपने व्यक्तिगत दु:खों को शक्ति में बदलते हुए नारी सशक्तिकरण, महिला शिक्षा, धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और जनकल्याण के अनेक कार्य किए। मां अहिल्या ने अपनी प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक समर्पण से बताया कि इच्छाशक्ति और सेवा भाव से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेश में मनाए जा रहे जनकल्याणी पर्व के अंतर्गत शौर्य स्मारक पर अहिल्या वाहिनी महिला बाइक रैली के शुभारंभ अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अहिल्या वाहिनी महिला बाइक रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने मां तुझे प्रणाम योजना के अंतर्गत महिला प्रतिभागियों की बस को भी झंडी दिखाकर रवाना किया। ग्वालियर चंबल संभाग की महिलाएं प्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर पुलिस बैंड की धुन के साथ भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महिला पुलिस अधिकारियों ने सलामी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शौर्य स्मारक स्थित भारत माता की प्रतिमा तथा लोकमाता अहिल्याबाई के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला बाईकर्स का सम्मान किया तथा सड़क सुरक्षा के प्रतीक स्वरूप एक महिला दो पहिया चालक को हेलमेट भी भेंट किया। कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस ऑर्केस्ट्रा ने देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री कृष्णा गौर, सांसद वी.डी. शर्मा, महापौर मालती राय, विधायक भगवान दास सबनानी, अपर मुख्यि सचिव गृह जे.एन कंसोटिया, डीजीपी कैलाश मकवाना, विशेष पुलिस महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव सहित प्रदेश के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, महिला पुलिसकर्मी, स्कूली छात्राएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में भोपाल पधार रहे हैं। राज्य सरकार ने विरासत से विकास का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री मोदी महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्य सरकार भी इस दिशा में ऐतिहासिक परंपरा का अनुसरण करते हुए गतिविधियां संचालित कर रही है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई द्वारा धर्मस्थलों का निर्माण, खेती और हाथकरघा उद्योगों में महिलाओं को सशक्त करना तथा जनजातीय अंचल में भील पलटन की स्थापना करने जैसे उदाहरण हमारे सामने हैं। प्रदेश पुलिस में बहनों की बढ़ती मौजूदगी से पुलिस की क्षमता, दक्षता और समाज में स्वीकार्यता बढ़ेगी।
खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में पधार रहे हैं। सभी माताओं-बहनों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जा रहा है।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि देवी अहिल्याबाई की जीवनगाथा नारीशक्ति के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। स्वयं के आत्मबल और दृढ़ इच्छा शक्ति से जीवन में कोई भी कठिनाई पार की जा सकती है, देवी अहिल्याबाई का जीवन इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। देवी अहिल्याबाई ने विपरीत परिस्थितियों में भी सामाजिक न्याय और महिला उत्थान की नींव रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में इस सप्ताह विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण को लेकर पुलिस विभाग निरंतर प्रयासरत है, जिसमें सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण सहित अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। पुलिस महानिदेशक मकवाना ने छात्राओं से भी सोशल मीडिया के भ्रम से बचकर रहने और आत्मरक्षा के लिए आवश्यक प्रशिक्षण लेने की अपील की।
अहिल्या वाहिनी बाइक रैली के राज्यस्तरीय शुभारंभ में सृजन कार्यक्रम के 500 बालक-बालिका शामिल हुए। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में सशक्तिकरण, आत्मरक्षा और बाल संरक्षण की दिशा में संचालित सृजन कार्यक्रम ने एक नई मिसाल प्रस्तुत की है। सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र की झुग्गी बस्तियों में निवासरत किशोर-बालिकाओं के लिए सृजन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें उन्हें गुड टच-बैड टच, महिलाओं पर होने वाले घरेलू एवं यौन हिंसा की रोकथाम, बाल अधिकारों, आत्मरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जा रही है। सृजन कार्यक्रम न केवल बच्चों को आत्मरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक बना रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और भविष्य को नई दिशा भी दे रहा है। कार्यक्रम में भोपाल की आरंभ, मुस्कान, उदय, मीत आदि संस्थाएं शामिल हुईं।

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