गुजरात में भूकंप का हल्का झटका, बानसकांठा बना केंद्र
गुजरात और जम्मू कश्मीर में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। गुजरात में इंस्टीट्यूट ऑफ सिसमोलॉजी रीसर्च (ISR) ने इसकी जानकारी दी है। कुछ घंटे पहले उत्तरी गुजरात में 3.4 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके लगे, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकल गए।
स्थानीय प्रशासन की मानें तो झटके ज्यादा तेज नहीं थे। ऐसे में कहीं कोई जनहानि नहीं हुई है। किसी की जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।
गुजरात में भूकंप का केंद्र
इस भूकंप का केंद्र गुजरात के बानसकांठा में स्थित वाव को बताया जा रहा है, जो गांधीनगर से महज 27 किलोमीटर की दूरी पर है। शनिवार की सुबह 3:35 बजे भूकंप आया था। वाव में भूकंप का केंद्र जमीन से 4.9 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया है।
2001 में भूंकप ने मचाई थी तबाही
बता दें कि गुजरात को भूकंप के लिहाज से सबसे संवेदनशील जगहों में गिना जाता है। पिछले 200 साल में गुजरात में 9 बड़े भूकंप आ चुके हैं। 26 जनवरी 2001 को गुजरात के कच्छ में भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जो पिछले 200 सालों में तीसरा सबसे बड़ा भूकंप था। गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन (GSDMA) के अनुसार, इस भूकंप में 13,800 लोगों की जान चली गई थी और 1.67 लाख लोग घायल हुए थे।
जम्मू कश्मीर में आया भूकंप
गुजरात के अलावा जम्मू कश्मीर में भी आधी रात को भूकंप के झटके लगे हैं। 3 मई की रात लगभग 2:29 बजे 2.7 की तीव्रता से भूकंप आया था। जम्मू कश्मीर में भूकंप का केंद्र डोडा में जमीन से 5 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया है।

राशिफल 04 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल