संशय : क्या हंसी एक औषधि है?

चित्र : एक महिला जो आइने में अपनी हंसी को देख खुद के वजूद का अहसास कर रही है।

  • अमित कुमार सेन।

हंसी को सर्वोत्तम औषधि के रूप में माना जाता है, लेकिन यह एक बंधन भी बन सकती है। आप को, हंसी के स्रोत पर ध्यान देना चाहिए। अपने आप को इस तरह बनाने का प्रयास कीजिए कि आप आनंद की स्वाभाविक अवस्था में रहें।

सदियों से लोग कह रहे हैं कि हंसी सबसे अच्छी दवा है। कहीं पर कुछ लोगों ने यह समझ लिया कि खुश, आनंदमय रहने वाले लोग अपने आप को स्वाभाविक रूप से ठीक कर लेते हैं। आप स्वस्थ हैं या बीमार, यह बस इस बात से तय होता है कि आप का शरीर कितने अच्छे से काम कर रहा है।

अगर ये अच्छी तरह से काम कर रहा है तो हम इसे अच्छा स्वास्थ्य कहते हैं। अगर ऐसा नहीं हो, तो हम इसे बीमारी कहते हैं। जब आप खुश हैं। आनंदपूर्ण हैं, तब आप का भौतिक शरीर सबसे अच्छे तरीके से काम करता है। तब इसके लिए ठीक रहना, स्वस्थ रहना स्वाभाविक ही है। हंसी आप को ठीक नहीं करती, वो तो अंदर की खुशी है। लोगों ने हंसी को आनंद के साथ बहुत ज़्यादा जोड़ दिया है।

आनंद का अर्थ हंसी नहीं है। आनंद की अभिव्यक्ति हर तरह हो सकती है। ये जरुरी नहीं है कि ये किसी एक खास तरह से ही व्यक्त हो। ये हंसी के रूप में व्यक्त हो सकती है, ये मौन के रूप में भी व्यक्त हो सकती है। आनंद आप में स्थिरता ला सकता है, आपको कामों में लगा सकता है, या इससे आपकी आंखों में आंसू भी आ सकते हैं।

वैसे तो भगवान गौतम बुद्ध आनंद के स्वरूप थे, पर किसी ने कभी भी उन्हें हंसते हुए नहीं देखा था। गौतम कभी ज़ोर से नहीं हंसते थे, स्पष्ट रूप से मुस्कुराते भी नहीं नहीं थे, उनकी मुस्कुराहट भी बहुत कम समय की होती थी।

आनंद का अर्थ हंसी या मुस्कुराहट नहीं है। आनंद का अर्थ है कि आप जीवन के मूल पर स्थित हैं। जिस क्षण आप इसे किसी एक खास अभिव्यक्ति या प्रकट करने के तरीके का गुलाम बना देते हैं, आप यह सुनिश्चित कर देते हैं कि आप हर समय यानी 24 घंटे और 7 दिन आनंद में नहीं रह पाएंगे।

आनंद का अर्थ ये है कि मूल रूप से आप जीवन की गहराई तक पहुंच चुके हैं, आप जीवन की सतह पर नहीं हैं। आप परम स्रोत पर हैं और इसीलिए आप खुद आनंदमय हैं। लोग हमेशा इसे उलटे तरीके से हासिल करने की कोशिश करते हैं, कोई ये सोचता है कि आनंद शराब पीने में हैं, कोई और सोचता है कि आनंद का अर्थ है हंसना।

आप जानते हैं, लोगों ने हंसने के लिए समूह में, क्लब बना रखें हैं। गली में, रास्तों पर हर कहीं वे ‘हंसते’ देखे जा सकते हैं।

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